जिले के प्रशिक्षत आपदा मित्रों ने की ड्यूटी और मानदेय की मांग

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। छठ पर्व पर किसी अनहोनी से निपटने के लिए आपदा मित्रों की ड्यूटी लगाई जाए इनके पास लाइफ जैकेट है यदि कोई डूब रहा है, तो तत्काल उसे निकाल सकते हैं। छठ के समय लोग नदी में पूजा करते हैं उस समय यदि कोई महिला या बच्चा पानी मैं डूबने लगे तो पुलिस के पास लाइफ जैकेट नहीं होती है कि उसे बचा सके, ना ही जिले में एनडीआरएफ की टीम होती है जो की तत्काल एक्शन लेकर के रेस्क्यू कर सके। जिले में 276 आपदा मित्र वर्तमान प्रशिक्षित है। प्रशिक्षण से आने के बाद आपदा मित्रों से केवल निरूशुल्क कार्य लिया जाता है। जिसके लिए ना तो इन्हें भत्ता दिया जाता है, ना कोई मानदेय मिलता है। बीमा कवर भी खत्म हो चुका है। मनोज यादव ने बताया कि सरकार केवल प्रशिक्षण करा रही है अबतक आपदा मित्र का 12 दिवसीय, तरण मित्र, मास्टर ट्रेनर 21 दिवसीय, सर्प दंश न्यूनीकरण 4 दिवसीय और मार्क ड्रिल करते-करते आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है, गांव के लोग मजाक उड़ाते हैं की बाबू की नौकरी अभी पक्की नहीं हुई। जिले के वरिष्ठ मास्टर ट्रेनर श्याम देव यादव ने बताया कि आपदा विभाग से 2006 से जुड़ा हूं, लेकिन आज भी उसी जगह खड़ा हूं। दिसम्बर 2024 और जनवरी 2025 में टाइम्स लर्निंग एनजीओ को पूरे प्रदेश में प्रशिक्षण का कार्य दिया इसी प्रकार अभी मई महीने में समूह सखियों को लखनऊ में सात दिवसीय प्रशिक्षण देते हुए उन्हें कार्य दे दिया गया है। जिसके लिए उन्हें ₹650 प्रतिदिन के हिसाब से दिया गया है। गोरीशंकर ने बताया कि मैं निजी स्कूल में पढ़ाता हूं विभाग यह काम के लिए जिले पर जाना पड़ता है तो छुट्टी लेने में दिक्कत होती है। आपदा मित्रों का कार्य की सरहना गृह मंत्री और मुख्यमंत्री तक करते हैं लेकिन रोजगार की बात कोई नहीं करता है। डुमरियागंज तहसील के सुनील कुमार यादव ने दशहरा के दूसरे दिन डूब रहे विनोद मौर्य को अपनी जान को जोखिम में डालते हुए बचाया था। राम नवल यादव ने बताया कि विभाग में काम नहीं मिलने के कारण और बार-मुख्यालय जाने के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। आपदा सखी अनुराधा ने बताया कि हम लोग 12 दिवसीय प्रशिक्षण लेकर के आये इसका अभी तक मानदेय नहीं दिया गया और जो यहां काम करते हैं उसका भी कुछ नहीं मिल रहा है जबकि समूह सखियों द्वारा सात दिवसीय प्रशिक्षण लिया गया जिसका उनको ₹300 प्रतिदिन के हिसाब से ₹2100 उनके खाते में भेज दिया गया है। अन्य आपदा मित्रों और आपदा सखियों ने भी कामना मिलने की बात कह रहे हैं, आशीष देव यादव, अजीजुद्दीन, दुर्गा प्रसाद, अरविन्द यादव, दुर्गेश ओझा, पूनम, रामसुन्दर यादव, ओम प्रकाश श्रीवास्तव आदि ने भी ड्यूटी की मांग किया है।




