जनपद सिद्धार्थनगर में पार्टी के समर्पित कार्यकर्त्ताओं में उहापोह की है स्थिति – जिलाध्यक्ष

सिद्धार्थनगर। अपना दल (एस) के शीर्ष नेतृत्व की कृपा से पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर शोहरतगढ़ से विधायक बनने के बाद से ही विनय वर्मा की कार्यशैली ने जहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को असहज कर रखा है, वहीं जनपद सिद्धार्थनगर में पार्टी के समर्पित कार्यकर्त्ताओं में उहापोह की स्थिति है। जिलाध्यक्ष के रूप में विगत 10 माह से कार्य करते हुए जिला अध्यक्ष सिद्धार्थनगर श्याम सुन्दर चौधरी ने महसूस किया है कि विधायक जी ने पार्टी तथा पार्टी के प्रति वफादार कार्यकर्ताओं से अपने को अलग कर लिया है। पार्टी की मासिक बैठकों/कार्यक्रमों में न आना, विगत 19 जून को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मंत्री आशीष पटेल जी के आगमन पर पार्टी कार्यालय के शुभारम्भ/कार्यकर्त्ता बैठक के दिन जानबूझ कर जिले से बाहर चले जाना पार्टी विरोधी गतिविधियों का ज्वलन्त उदाहरण है। विधायक जी द्वारा पार्टी के प्रति ऐसी बेरुखी से पार्टी का समर्पित कार्यकर्त्ता अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। हद तो तब हो गई जब अपनी स्वच्छ, ईमानदार, एवं कर्मठ कार्यशैली से जनता के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले जिलाधिकारी पर द्वारा भ्रष्ट होने का आरोप लगाया गया। पार्टी के किसी जनप्रतिनिधि या कार्यकर्त्ता के ऐसे कार्य व्योहार से पार्टी की छवि खराब होती है। आशा है विधायक विनय वर्मा के द्वारा पार्टी लाइन से इतर एवं असहज करने वाले कार्य व्योहार का पार्टी शीघ्र संज्ञान लेगी।




