सड़क पर भरा हुआ पानी, गन्दे पानी में चलने को हो रहे ग्राम वासी मजबूर
दैनिक बुद्ध का सन्देश
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बहराइच। बहराइच जिले के विशेश्वरगंज विकासखंड अंतर्गत सुनगा गांव का मामला प्रकाश में आया है जहां पर सड़क पर नाली का पानी नाली के ना बने न होने के कारण पहुंच रहा है और बरसात का सीजन होने से थोड़ी सी बरसात होने पर सड़क तालाब का रूप ले लेती है जिससे आने-जाने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना उठाना पड़ रहा है खासकर विद्यालय जाने वाले छोटे-मोटे बच्चों को। सड़क पर भरे हुए पानी को लेकर ना तो ग्राम प्रधान सजग हो रहा है और ना ही ग्राम सचिव। पानी एवं कीचड़ भरे रास्ते में गांव वालों का चलना मुश्किल हो रहा है तथा सड़क पर कई लोग गिरकर एवं फिसल कर कीचड़ भरे रास्ते में चोटिल हो गए हैं लेकिन ग्राम प्रधान को इसकी तनिक भी परवाह नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क पर पानी भरा हुआ है और कीचड़ भी है लेकिन कोई भी ना तो सुनने वाला है और ना ही इसके लिए प्रयास हो रहा है। इसके लिए जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पयागपुर इकौना रोड पर स्थित बरगदही चौराहे से सुनगा गांव को जाने वाली सड़क जगह-जगह से टूट गई है जोकि पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा बनवाई गई थी सड़क को बने हुए लगभग 10 साल हो गए लेकिन सड़क वैसी की वैसी ही बनी हुई है। पयागपुर इकौना रोड से बरगदही चौराहे से थोड़ा आगे की तरफ सुनगा गांव को जाने वाली सड़क पर जल भराव बना हुआ है जिस कारण से आने जाने वाले स्कूली बच्चों महिलाओं तथा वृद्ध नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है सड़क के नीचे होने से यह समस्या पैदा हो रही है बगल में विद्यालय की बाउंड्री है और पानी का निकास भी कहीं नहीं कराया गया है यही हाल गांव के अंदर भी जाने वाली सड़क का बना हुआ है। गांव के बीच बनी सड़क पर गंदा पानी भरा हुआ है नाली के ना बने होने से पानी का निकास बिल्कुल नहीं हो पा रहा है , इसी गंदगी के बीच ग्रामीण रह रहे हैं तथा संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बराबर बनी हुई है और सड़क के दोनों पटरियों पर भारी गंदगी का आलम कायम है। मिली जानकारी के अनुसार यह गांव ओडीएफ मुक्त है फिर भी सड़क पर लोग गंदगी फैलाते हुए नजर आते हैं। गांव के दक्षिण तरफ प्राथमिक विद्यालय भी बना हुआ है उस विद्यालय में टीचर पढ़ाने के लिए आते हैं और बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं लेकिन सड़क की दशा इतनी ज्यादा खराब है कि अध्यापक और बच्चे गंदे भरे पानी के बीच विद्यालय जाने के लिए मजबूर हैं लेकिन जिम्मेदारों की आंख पर पट्टी बंधा हुआ है उनको गांव के विकास से कोई मतलब नहीं है केवल अपने विकास से मतलब है और साथ ही सामुदायिक शौचालय भी बना हुआ है लेकिन देख देख के अभाव में वह भी ऐसे ही पड़ा हुआ है जहां पर ना तो बिजली की सप्लाई सही तरीके से हो पा रही है तथा साफ सफाई का भी कुछ अता-पता नहीं है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द ही सड़क पर भर रहे पानी का निकास नाली बनवाकर करवाया जाए और सड़क को जल्द ही कीचड़ एवं पानी से मुक्त करवाया जाए।





