मैलाथियान की फर्जी आपूर्ति मामले में 6 स्वास्थ्य कर्मियों पर अभियोग के लिए पत्र
वर्ष 2003-04 में जिले के 12 स्वास्थ्य केन्द्रों पर है फर्जी रूप से मैलाथियान आपूर्ति करने का लगा है आरोप

सिद्धार्थनगर। बीस लाख रूपये के बहुचर्चित मैलाथियान आपूर्ति करने के मामले का जिन्न एक बार फिर निकल आया है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने सोमवार को आधा दर्जन स्वास्थ्य कर्मियों पर अभियोग चलाये जाने के लिए पत्र दिया है। इसके बाद समूचे स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मच गया है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सीएमओ समेत 29 लोगों पर 20 लाख रूपये के मैलाथियान के फर्जी रूप से आपूर्ति किये जाने का आरोप लगा था। सोमवार को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने सीएमओ बलरामपुर, सीएमओ सिद्धार्थनगर एवं सीएमओ लखनऊ को पत्रांक संख्या 4 (डी)/एलटी-फार्मा/अभियो/2025/611 एक पत्र भेजा। जिसमें जिले के 12 पीएचसी/सीएचसी पर वर्ष 2003-04 में 20 लाख के कीटनाशक मैलाथियान की फर्जी आपूर्ति कर भुगतान किये जाने के विषयक प्रकरण में आरोपी के रूप में निरोपित किये गये कर्मियों के विरूद्ध धारा-19, भ्र.नि.अधि.1988 एवं धारा-197 द.प्र.सं. के अन्तर्गत सक्षम न्यायालय में अभियोग चलाये जाने हेतु अभियोजन की स्वीकृति प्रदान किये जाने के निर्देश की सूचना दी गयी है। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2003-2004 में जिले में 20 लाख रू0 कीटनाशक मैलाथियान की फर्जी आपूर्ति एवं भुगतान का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ समेत 29 स्वास्थ्य कर्मियों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा था। तबसे इस प्रकरण में जांच चल रही थी। कई बार आरोपियों के बयान भी दर्ज किये गये थे। इस मामले में शासन स्तर पर दो स्थानों पर जांच चल रही थी। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के यहां चल रही जांच पूरी होते ही अभियोग की स्वीकृति प्रदान करते हुए कई सूचना तलब की है। 21 साल पुराने इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के पत्र से इस प्रकरण का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। सबसे रोचक पहलु यह है कि इस मामले में आरोपित 29 कर्मियों में कई परलोक में आराम कर रहे है तो कई सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब देखना होगा कि अभियोजन पक्ष इस पत्र पर क्या कार्रवाई करेगा? वैसे यह पत्र मिलते ही तीनों जिलों के स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मच गया है।




