डीएम का आदेश भी ठंडे बस्ते में, 50 बेड के हॉस्पिटल की कार्यदायी संस्था के बल्ले-बल्ले

बांसी/सिद्धार्थनगर। संयुक्त चिकित्सालय बांसी के 50 बेड अस्पताल मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जिलाधिकारी डा0 राजा गणपति आर0 ने 3 माह पूर्व कार्यदायी संस्था को आदेश दिया था कि नवनिर्मित अस्पताल जल्द करें अन्यथा 15 दिन के अन्दर नवनिर्मित अस्पताल भवन को हैण्डओवर करने का निर्देश दिया था। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी अस्पताल भवन हैण्डओवर नहीं हुआ। आपको बता दें कि आये दिन अस्पताल में मरीजों को दिक्कत हो रही है। परिसर में पार्किंग की भी व्यवस्था नहीं है। मलेरिया जांच के अलावा किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी जांच की अस्पताल में व्यवस्था नहीं है। इलाज के लिए सुई, रूई, पट्टी, आईवी सेट की भी पूर्ण रूप से आपूर्ति नहीं है। अस्पताल के परिसर में आये दिन साईकिल व मोटर साईकिल चोरी की घटना बढ़ रही है और अस्पताल में सुरक्षा को लेकर नाम मात्र है। बांसी में 50 शैय्या वाले सरकारी अस्पताल का डीएम डॉ0 राजा गणपति आर0 ने 3 माह पूर्व औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और मरीजों से सीधा संवाद किया। मरीजों ने बताया कि पानी और शौचालय की सुविधाओं की कमी से उन्हें गम्भीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर डीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को इन सुविधाओं को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। निर्माणाधीन अस्पताल भवन के कार्य में हो रही देरी को गम्भीरता से लेते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्था को 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही सीएमएस डॉ0 उजेर को अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाये रखने के निर्देश दिये थे। डीएम ने कहा कि क्षेत्र की जनता को अस्पताल निर्माण में हो रही देरी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि आम नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




