भीषण गर्मी की मार पड़ रही बेजुबान जानवरों पर भारी, गौशाला में नहीं हो रही जानवरों कादेखभाल

बहराइच। इस भीषण गर्मी के मौसम में गौशालाओं में रह रहे जानवर पर भीषण गर्मी की मार भारी पड़ रही है गौशाला में रह रहे बेजुबान जानवरों के लिए मुकम्मल एवं उनके खान पान और रहने के लिए व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। गौशालाओं में जानवरों को भगवान के भरोसे पर छोड़ दिया गया है तथा असमय ही मौत का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही गौशाला का मामला बहराइच जिले के बिशेश्वरगंज ब्लॉक के शिवपुर बैरागी गांव से बेहद दर्दनाक तस्वीरों के रुप में सामने आया है। जहां पर गांव की इस गौशाला में मवेशियों के लिए न पानी उपलब्ध है, न छाया, और न ही पर्याप्त चारा। इसके अलावा दर्जनों मवेशियों की भूख और प्यास से तड़प-तड़पकर मौत भी हो चुकी है। भूख और प्यास से तड़प तड़प कर हो रही मवेशियों की मौत से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है और गौशाला के रखरखाव के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक उदासीनता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, गौशाला में केवल तपती जमीन पर थोड़ा-बहुत भूसा डालकर मवेशियों को जीने के लिए छोड़ दिया जाता है। जलती धूप में बिना पानी के जानवर दम तोड़ रहे हैं। कई मवेशी जमीन पर गिरे पड़े मिले, जिनमें से कई ने तड़पते हुए अपनी जान गंवा दी। ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं के तहत गौशाला के लिए अनुदान तो जारी किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नहीं की गईं। उनका कहना है कि गौशाला संचालक और जिम्मेदार अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं और सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि गांव में गुस्से और नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से गौशाला की व्यवस्थाएं सुधारी जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मवेशियों के लिए पानी, छाया और चारे का समुचित प्रबंध किया जाए। बेजुबान जानवरों की जान की कीमत प्रशासन के द्वारा कब समझी जाएगी।




