कन्यादान में सहयोग सबसे बड़ा धर्म- ज्ञानप्रकाश

कुशीनगर/दुदही। कन्यादान में सहयोग करके समाज में फैलती जा रही अपसंस्कृति को रोका जा सकता है, गरीब माँ बाप बेटी बहन की शादी समय से नहीं कर पाते हैं जिनसे समाज मे तमाम विसंगतियों का जन्म होता है ऐसे में सनातन परंपरा और संस्कृति को बचाऐ रखने की जरूरत है कि बहन बेटियों की शादी समय पर की जाएं कोई बहन बेटी माता पिता पर बोझ न बने इस लिए आवश्यक है कि सक्षम समाज इस प्रकार आगे आकर कन्यादान में सहयोग करे। उक्त बातें नगर पंचायत दुदही के वार्ड नंबर 12 में आयोजित एक शादी समारोह में समाजसेवी ज्ञानप्रकाश जायसवालश् मुन्ना ने कही। श्री मुन्ना ने शादी समारोह में बेटी को अपनी ओर से साठ हजार की लागत के फर्नीचर सेट उपहार दिया और हर संभव मदद देने का भरोसा भी दिलाया। बताते चले कि समाजसेवी ज्ञानप्रकाश जायसवालश् मुन्ना ने गत माह अपनी माताजी की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर सैकड़ों विधवा महिलाओं को साड़ी और अन्य वस्त्र प्रदान कर एक नयी परंपरा की नींव डालने का काम किया था। और नगर पंचायत दुदही के गांधी चौक, थाना परिसर, रेलवे स्टेशन, रामजानकी मंदिर अटल नगर शिव पार्वती मंदिर आदि सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की सुविधा के लिए बैठने के बेंच लगवाने का काम किया है। उन्होंने बताया कि बेटियों की शादी में सहयोग के क्रम में ऐसे गरीब परिवारों की मदद करने का संकल्प लिया है और यह ऐसी जरूरत है जिसमें समाज के सभी लोगों को जरूरत मंद लोगों की मदद करनी चाहिए। इस अवसर पर अमित जायसवाल, अनिल सोनकर, मनोज कुंदन, अनिल जायसवाल, विनोद पटेल, संजय जायसवाल आदि मौजूद थे।




