गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण जन्मोत्सव

बांसी। पथरा बाजार छेत्र अन्तर्गत कम्हरिया खुर्द में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा प्रसंग में आचार्य हरिवेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रों में चार पुरुषार्थ की चर्चा की गई है धर्म अर्थ काम मोक्ष भारत की भूमि पर यह चारों पुरुषार्थ मनुष्य द्वारा किसी न किसी तरह से हो जाते हैं धर्म की बात की जाए तो एक नास्तिक जो कि भगवान को नहीं मानता है फिर भी अपने गुरु में श्रद्धा अवश्य रखना है और अगर गुरु में श्रद्धा रख रहा है तो उसके धर्म पुरुषार्थ की पूर्ति हो रही है अर्थ की बात की जाए तो अर्थ से तृप्ति बड़े-बड़े पूंजी पतियों की नहीं होती है और आवश्यकता के अनुरूप अर्थ परमात्मा सबको देते रहते हैं काम पुरुषार्थ की बात की जाए तो कामना की पूर्ति किसी की नहीं हुई है आवश्यकता की पूर्ति ईश्वर करते हैं मोक्ष पुरुषार्थ की बात की जाए तो भारत की भूमि पर मोक्ष प्रदान करने के लिए सात तीर्थ अयोध्या मथुरा हरिद्वार काशी कांची उज्जैन जगन्नाथ पुरी भगवान में बना दिया है । इस तरह से व्यक्ति के चारों पुरुषार्थ किसी न किसी तरह से हो जाते हैं और जिसके द्वारा व्यक्ति का स्वयं व्यक्तिगत कल्याण होता है लेकिन परम पुरुषार्थ भक्ति के द्वारा व्यक्ति के साथ-साथ व्यक्ति के समस्त कुल का उद्धार हो जाता है। इसके प्रमाण भक्त प्रहलाद भक्त विभीषण आदि हैं इस भक्ति भाव से प्रसन्न होकर वह अखिल ब्रह्मांड नायक इस धरा धाम पर भक्तों को सुख प्रदान करने के लिए समय-समय पर अवतार लेते रहते हैं। उसी क्रम में श्री कृष्ण प्राकट उत्सव भक्तों के द्वारा बड़े ही धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!