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महिला नें लगाई न्याय की गुहार, सोनभद्र

महिला ने रावटसगंज चौकी में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। प्रार्थना पत्र में लिखा है कि प्रार्थनी नीतू देवी पत्नी बच्चन सिंह निवासी ग्राम सिद्धि कला की निवासिनी हूं प्रार्थिनी के पति बच्चन सिंह और उनके बड़े भाई छोटे लाल सिंह पुत्र स्व0 मुन्नू सिंह निवासी सिद्धिकला दोनो भाईयो की तीन-चार साल से आपसी रंजिश जमीन घर बंटवारे के लिए चल रहा है । मेरे भसुर ने पैतृक संपत्ति जो घर आदि है उसमें हम लोगों को कुछ भी नहीं दिए हैं। हमारे पति मेहनत मजदूरी करके हम लोगों का जीवनयापन करते हैं। हमारे पति पूर्व में भी हक हिस्सा के लिए पूर्व में भी चौकी में प्रार्थना पत्र दे चुके हैं और एसपी साहब के यहां भी अपनी फरियाद लगा चुके हैं। मैं बच्चन सिंह की दूसरी औरत हूं पहली औरत वर्षों पहले ही मर चुकी है हमारे पति ने 3 वर्ष पूर्व मुझसे दूसरी शादी किए हैं हमारे पास अभी कोई बाल बच्चा नहीं है। हमारे भसुर छोटेलाल के तीन चार लड़के हैं जिस कारण दौलत के लालच में वह हमेशा हम लोगों को प्रताड़ित करते आ रहे हैं। किसी प्रकार से मै चली जाऊं और हम लोगों की जमीन जायदाद सब हथिया ले। अभी 8 जून 20 23 को मेरे पति अपने घर में सोए हुए थे उसी वक्त बगल का एक लड़का आया उसने मेरे पति से बोला कि आपको छोटे लाल खेत में बुला रहे हैं हमारी जमीन हरिजन बस्ती में सटी है और रात्रि को कोई हरिजन ट्रैक्टर ट्राली से अपनी जमीन में मिट्टी पाट रहा था जहां छोटेलाल नहीं गए और मेरे पति को बुलवा लिए हमारे पति जहां मिट्टी पटा रही थी वहां तक पहुंच ही नहीं पाए कि छोटेलाल पूर्व नियोजन के तहत खेत के बीच में ही मिल गए और मेरे पति को लाठी से मारना शुरू कर दिए जिससे मेरे पति का पैर टूट गया और कमर की हड्डी भी फट गई मेरे पति ने बड़ा भाई समझ कर अन्य लोगों से बोले कि जो किए वो ठीक तो नहीं किए लेकिन मेरा इलाज के दौरान जो खर्च लग रहा है वह दे दे, लेकिन वो नहीं दिए। ऑपरेशन कराने के लिए मजबूरन ₹50000 जमीन रेहन रखकर प्रार्थिनी अपने पति का दवा इलाज करवाया। ऑपरेशन कराने में 40 टाका लगा है और पैर में राड डाला गया है अकेले कमाने वाले मेरे पति इस वक्त 6 महीने के लिए चारपाई पर पढ़े हुए हैं ऐसे में घर परिवार का खर्च चलाना और दवा कराने में जो खर्चा आ रहा है उसको पूरा करना हम लोगों के बस की बात नहीं रह गई है। निवेदन किया कि प्रार्थना पत्र पर जांच कर करवाई की मांग किया।

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