बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

गोन्डा। गोण्डा जनपद मे चला बाल विवाह की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम तथा समुदाय स्तर पर शून्य सहनशीलता का वातावरण विकसित करने,बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बालिकाओं एवं बालकों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम।दिनांक 27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026 (100 दिवसीय) तक संचालित “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।उक्त अभियान को सफल बनाये जाने के क्रम में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आदेशानुसार तथा नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) एवं क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में थाना एएचटी (एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की संयुक्त टीम द्वारा थाना परसपुर क्षेत्रांतर्गत पसका मेला जनपद गोण्डा में आये हुए श्रद्धालुओ जिनमें बालक बालिका,महिलाएं उपस्थित थी जिनको जागरूक करते हुए सरकार की नीतियों के विषय में जानकारी दी गयी।महिलाओं को महिला संबंधी अपराधों के बारे में अवगत कराया गया, मिशन शक्ति अभियान फेज-5,बाल श्रम उन्मूलन,मानव तस्करी व नशा मुक्ति बाल विवाह निषेध के संबंध में लोगों को जागरूक किया गया।इस दौरान छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक दुष्परिणामों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा यह बताया गया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि कानूनन दण्डनीय अपराध भी है। बाल विवाह से बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों, सरकारी योजनाओं एवं हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों द्वारा छात्र-छात्राओं को यह भी अवगत कराया गया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की तैयारी अथवा घटना की जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 अथवा संबंधित विभागों को देकर समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाई जा सकती है।बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने एवं किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न अथवा अवैधानिक गतिविधि के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठाने हेतु प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रभारी निरीक्षक लाल बिहारी (थाना एएचटी),उप निरीक्षक गऊचरन,शाखा एसजेपीयू से प्रभारी निरीक्षक प्रियंका मिश्रा,महिला आरक्षी सुनैना वर्मा तथा अपराजिता सामाजिक समिति, गोण्डा से आत्रेय त्रिपाठी उपस्थित रहे।


