छठ महापर्व की आस्था में डूबा परतावल, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा पूरा क्षेत्र

महराजगंज/परतावल। नगर पंचायत परतावल के वार्ड नंबर 11 स्वतंत्रता सेनानी नगर स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर के निर्मल सरोवर पर सोमवार की संध्या बेला श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। छठ महापर्व के पावन अवसर पर व्रती महिलाओं ने परंपरागत विधि-विधान से भगवान सूर्य देव को संध्या अर्घ्य अर्पित किया। चारों ओर “छठ मइया के जयकारों” और भक्ति गीतों की मधुर गूंज ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। छठ घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर महिलाओं, बच्चों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा और सोलह श्रृंगार में सुसज्जित होकर, सिर पर पूजा की डलिया लिए परिवारजनों के साथ सूर्याेपासना के लिए घाट की ओर बढ़ रही थीं। कहीं ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोकगीतों की झंकार थी, तो कहीं व्रती महिलाओं की आवाज में पारंपरिक छठ गीतों की भक्ति रसधारा बह रही थी। पूरा परतावल भक्ति, उल्लास और लोक परंपरा की छटा से सराबोर हो उठा। कई महिलाएं पहली बार व्रत रखकर मां छठी माई से परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की दीर्घायु की प्रार्थना करती दिखाई दीं। वहीं घाट पर पहुंची बच्चियां उत्साह से भरी सेल्फी लेकर इस पावन क्षण को संजोती नजर आईं। संध्या अर्घ्य के दौरान निर्मल सरोवर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते समय वातावरण में भक्ति गीतों और मंत्रोच्चारण की गूंज फैल गई। व्रती महिलाओं के चेहरों पर आस्था, समर्पण और संतोष की झलक स्पष्ट दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर और मां छठी माई से परिवार, समाज और राष्ट्र की समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहा। भीड़भाड़ वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस कर्मियों ने श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देते हुए यातायात को सुचारू बनाए रखा। चारों ओर दीपों की झिलमिलाहट, लोकगीतों की मधुर ध्वनि और भक्तों की आस्था ने परतावल को एक जीवंत सांस्कृतिक मंच में बदल दिया। छठ पर्व की इस पावन संध्या में परतावल सचमुच भक्ति, परंपरा और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम बन गया कृ जहां हर हृदय में आस्था की लौ प्रज्वलित थी और हर चेहरे पर मां छठी माई के प्रति अटूट विश्वास झलक रहा था।




