पितृ ऋण से मुक्ति के लिए पवित्र स्थान माना जाता है बोध गया- डा0 पवन मिश्र

शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। पितृपक्ष में पितरों को पिंडदान करनें के लिए शोहरतगढ विकास क्षेत्र के दर्जनों गांवो से सैकड़ों लोग रविवार को बस द्वारा निकलें है। इसी क्रम में शोहरतगढ विकास क्षेत्र के लुचुइया गांव के प्रेम शंकर शुक्ल, शेष कुमार चौरसिया, तीरथ चौरसिया, विनोद मिश्रा, रामशंकर शुक्ला भी अपने पत्नी के साथ बोध गया के लिए रवाना हुए हैं। बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि 17 दिवसीय टूर में में हम लोग अयोध्या, मथुरा, काशी बनारस, प्रयागराज का दर्शन करते हुए बोध गया कों जायेंगे। हिन्दू धर्म के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान गया में पिंडदान करने का अत्यंत महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि यह पितरों को मोक्ष दिलाता है, उन्हें तृप्त करता है, और सात पीढ़ियों का उद्धार करता है, जिससे उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होती है। गया को मोक्षस्थली भी कहा जाता है क्योंकि यहां भगवान श्री विष्णु स्वयं पितृदेव के रूप में विराजमान रहते हैं और फल्गु नदी के तट पर भगवान श्री राम ने भी अपने पिता राजा दशरथ के लिए पिंडदान किया था, जिससे यह स्थान पितृ ऋण से मुक्ति के लिए पवित्र माना जाता है। इसलिए हर साल हर क्षेत्र से काफी लोग पिंडदान के लिए बोध गया जातें हैं। इस दौरान प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष डा0 पवन मिश्र, राजेश शुक्ला, अम्बिका मिश्र,गया प्रसाद, लक्ष्मी,राम करन, श्याम चन्द्र,देवीशरन के साथ काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




