वर्षों से बदहाल है रीवा-करौता और रीवा-कुर्थीडीहा मार्ग, बरसात में बढ़ी परेशानी

डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत भारत भारी क्षेत्र अंतर्गत रीवा से करौता और रीवा से कुर्थीडीहा गांव तक बना सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में है। लेकिन लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक इनकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इन सड़कों की हालत बरसात में और भी खराब हो गई है। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये सड़कें कई गांवों को जोड़ने का मुख्य माध्यम हैं, लेकिन लंबे समय से इनकी अनदेखी हो रही है। बरसात के मौसम में पानी से भरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। मोटर साइकिल और साइकिल सवार फिसलने से घायल हो रहे हैं, वहीं चार पहिया वाहन चालकों को भी बड़े-बड़े गड्ढों से गुजरना मुश्किल हो रहा है। रीवा-करौता मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोग मोतीगंज, डुमरियागंज और आसपास के क्षेत्रों में आते-जाते हैं। इसी तरह रीवा-कुर्थीडीहा मार्ग कई ग्रामीण इलाकों को मोतीगंज बाजार और डुमरियागंज तहसील मुख्यालय से जोड़ता है। लेकिन उक्त दोनों मार्गों की जर्जर हालत के कारण यात्रा का समय दोगुना हो गया है और ईंधन की खपत भी बढ़ रही है। ग्रामीणों में अब्दुल अव्वल, हदीसुल्लाह आदि का आरोप है कि कई बार विभाग और जन प्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। पिछले वर्षों में भी सड़क मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिक पैचवर्क किया गया, जो कुछ ही महीनों में उखड़ गया। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ सुविधा का सवाल नहीं, बल्कि जानमाल की सुरक्षा का मुद्दा है। अब देखना यह है कि विभाग और जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और इन बदहाल सड़कों को यात्रा योग्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाते हैं। बरसात के इस मौसम में तो इन सड़कों पर सफर किसी चुनौती से कम नहीं है।




