जिले में बिना वेरिफिकेशन कमरों, होटल, होटल का हॉल का किराया देना बनता जा रहा खतरनाक

इटवा/सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में बिना वेरिफिकेशन कमरों, होटल, होटल का हॉल का किराया देना खतरनाक बनता जा रहा है। आपको बता दें कि नपा इटवा सहित जिले भर में सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है। इटवा कस्बे और आस-पास के क्षेत्रों में बिना पुलिस वेरिफिकेशन और बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के ही केवल आधार कार्ड दिखाकर कमरा किराये पर देना एक आम प्रथा बन चुकी है। यह स्थिति तब और गम्भीर हो जाती है जब यह ध्यान दिया जाये कि आज के समय में नकली आधार कार्ड बनवाना बेहद आसान हो गया है। जिससे असली-नकली की पहचान करना मुश्किल हो गया है। वहीं नेपाल बॉर्डर इटवा से काफी पास है, जिससे वहां से आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही सामान्य है। लेकिन कई संदिग्ध व्यक्ति नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे हैं और इटवा जैसे कस्बों में आकर रुक रहे हैं। हाल के दिनों में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं, जो इस अनियमितता से कहीं न कहीं जुड़ी हो सकती हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और इंटेलिजेंस यूनिट की चुप्पी और निष्क्रियता चिन्ता का विषय है। नेपाल से आने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी स्थानीय थाने में दर्ज करायें। जनता ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इटवा कस्बे और आस-पास के क्षेत्रों में किरायेदारों और होटलों का सघन सत्यापन अभियान चलाया जायें। सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जायें और इमिग्रेशन नियमों का सख्ती से पालन हो। फर्जी आईडी पर कमरा देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जायें।



