फेसबुक पर विवादित पोस्ट ने शाहिद को खुदकशी पर किया आमादा

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत बढ़नी के 30 वर्षीय युवक शाहिद ने भय और उत्पीड़न के चलते जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की है। उसे गम्भीर हालत में मेडिकल कालेज सिद्धार्थनगर रेफर किया गया है। आत्महत्या का कारण स्वयं शाहिद ने सोशल मीडिया पर लिखी एक विवादित टिप्पणी के बाद भय और उत्पीड़न बताया है। इस विषय पर उसने एक विडियो बनाया था, जिसकी चर्चा में जिसे गौर से देखा जा रहा है। आपको बता दें कि रेलवे स्टेशन बढ़नी के ठीक सामने रहने वाले युवक शहिद ने बीती शाम घर आया और रात में अचानक कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ते देखकर घर वाले उसे अस्पताल ले गये। जहां उसकी हालत खराब देखकर उसे मेडिकल कालेज सिद्धार्थनगर रेफर कर दिया गया। वहां भी उसकी दशा गम्भीर है, मगर इलाज जारी है। वहीं शहिद ने जहर क्यों खाया इसका खुलासा एक विडियो से होता है। जिससे पता चलता है कि फेसबुक की एक पोस्ट शेयर करने के कारण उसे गिरफ्तार किया गया। वह जमानत पर आया फिर भी लोग उसका उत्पीड़न करते रहे। शुक्रवार की सुबह बढ़नी पुलिस उसके घर आकर उसे बढ़नी पुलिस चौकी आने को कहा। शाहिद चौकी पहुंचा, जहां उसका मोबाइल जांच में जाने की बात कहकर उससे एक सादे कागज पर दस्तखत करा लिया गया। जिससे वह और भी भयभीत हो गया। वह दिन भर तनाव में रहा और रात में उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसके विडियों में यह बताते हुए इसके लिए जिम्मेदार चार लोगों का नाम लेते हुए देखा जा सकता है। उसने यह भी कहा कि इस घटना में उसके परिजन निर्दाेष हैं। आपको बता दें कि शाहिद एक विकलांग है। एक दुर्घटना में वह विकलांग हुआ था। उसके चार बच्चे हैं, जिनका भरण पोषण वह बहुत मुश्किल से कर पाता है। इसके लिए वह पान की टपरी चलाता है। गत दिनों इटावा कथा वाचक काण्ड पर उसने किसी की पोस्ट शेयर की थी। जिसे आपत्तिजनक कहकर बढ़नी के एक व्यक्ति ने उस पर मुकदमा दर्ज करा दिया था। इस घटना के बाद शाहिद पर आफत आ गई थी। शाहिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पिछले दिनों वह चन्दे के पैसे से जमानत कराकर बाहर आया था, जिसके बाद शुक्रवार को यह घटना घट गई। माना शाहिद ने एक गलत पोस्ट शेयर कर ली थी। इसके लिए वह सजा पा रहा था, लेकिन उसे अब अपनी दुकान न खोलने देना, पुलिस द्वारा सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराना आदि कौन से संवैधानिक कार्य हैं?




