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उत्तर प्रदेशबहराइच

03 अभियुक्त व 01 अभियुक्ता को नगदी व जेवर चोरी के आरोप में मोतीपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

बहराइच। थानाध्यक्ष मोतीपुर आनन्द चौरसिया मय पुलिस बल द्वारा चोरी की चूड़ी 06 सफेद धातु, खड़ुवा 02 सफेद धातु, कान का बून्दा 01 जोड़ी पीली धातु, 01 जोड़ी टप्स पीली धातु व 4500/- रुपये नगद के साथ 03 अभियुक्त व 01 अभियुक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया द्य अभियोग के सफल अनावरण पर पुलिस अधीक्षक द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा को प्रशस्ति पत्र देते हुये पुलिस टीम को पच्चीस हजार रुपये के पुरस्कार से किया गया सम्मानित। प्राप्त विवरण अनुसार दिनांक 29/30.05.2025 को मोतीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लौकाही में अज्ञात चोरों द्वारा रात्रि में घर में घुसकर चोरी किये जाने के सम्बन्ध में वादी मुकदमा नासिर पुत्र शरीफ खान की तहरीरी सूचना पर समुचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गयी । पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस टीम गठित कर जनपदीय पुलिस इकाईयों की मदद से उक्त घटना के शीघ्र अनावरण करने हेतु निर्देशित किया गया। स्थानीय पुलिस टीम द्वारा घटना के अनावरण हेतु सतत् प्रयास किये जा रहे थे द्य इसी बीच आज थानाध्यक्ष मोतीपुर व चौकी प्रभारी बलईगांव के नेतृत्व में अभियोग से सम्बन्धित अज्ञात चोरों की तलाश की जा रही थी कि मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि आपके मुकदमे से सम्बन्धित 01 चोर लौकाही भट्टे के पास मौजूद होकर अपने दूसरे साथी के इन्तजार में है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की निशानदेही पर अभियुक्त मो0 एखलाख खान उर्फ बिल्ला पुत्र छोटे की जामा तलाशी लेते हुये गिरफ्तार कर गम्भीरतापूर्वक पुछताछ की गई तो बताया कि मैंने फैय्याज पुत्र नासिर व फैय्याज की मां सायदा पत्नी नासिर एवं फैय्याज के चाचा मैनुद्दीन खान पुत्र शरीफ खान के साथ मिलकर नासिर पुत्र शरीफ के घर से फैय्याज की मां सायदा व चाची शायना पत्नी शमशुद्दीन के सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी चोरी किये थे जिसमें हम लोगों ने शायना के जेवरात मो0 आजम पुत्र हाजी मोहम्मद असलम की शर्राफा दुकान पर बेच दिये थे तथा शेष माल आपस में बांट लिये थे। इस पर पुलिस टीम द्वारा अन्य अभियुक्तों सायदा पत्नी नासिर तथा मैनुद्दीन पुत्र शरीफ, मो0 आजम(सोनार) को हिरासत पुलिस में लेकर चोरी की घटना के सम्बन्ध में कड़ाई से पूछताछ की गई तो सायदा द्वारा बताया गया कि मेरी देवरानी शायना पत्नी शमशुद्दीन का जेवर मेरे पास सुरक्षित रखा था को लेकर मेरे मन में लालच आ गया था जो मैं शायना को वापस नहीं देना चाहती थी इसलिये मैने अपने देवर मैनुद्दीन व बेटे फैय्याज व उसके मित्र मो0 एखलाख के साथ मिलकर अपने पति नासिर को बिना बताये चोरी की योजना बनाते हुये अपनी देवरानी का व स्वयं का जेवर उक्त लोगों की मदद से चोरी करवा दिया था व देवरानी शायना के गहने सोनार मो0 आजम पुत्र हाजी मोहम्मद असलम को बेच दिया था तथा शेष पैसे एवं गहने आपस में बांट लिये थे जिसको लेकर मेरे पति द्वारा थाने पर चोरी का झूठा मुकदमा लिखवा दिया गया था जिनको हमारी चोरी की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी । इस प्रकार पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों से कुल बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 281/2025 धारा 307, 331(4) बीएनएस में धारा 307 बीएनएस का विलोपन करते हुये धारा 61(2), 317(2), 305, 231 बीएनएस की बढ़ोत्तरी गयी। गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों/अभियुक्ता को जेल भेज दिया गया।

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