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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ ने पीएम को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा

सिद्धार्थनगर। सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को सिंचाई विभाग, ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश के डिप्लोमा इंजिनियर्स महासंघ द्वारा अवर अभियन्ता संघ के सचिव राधेश्याम भारती के नेतृत्व में और लगभग दो दर्जन अवर अभियन्ताओं की उपस्थिति में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य रूप से भारत सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन हेतु जारी दिनांक 3 नवम्बर 2025 के नोटिफिकेशन में पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य पेंशनरी लाभों को सम्मिलित करते हुए पेंशन को गैर अंशदायी और गैर वित्त पोषित बताने वाले क्लॉज एफ-3 तथा वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर पेंशनरों में विभेद पैदा करने वाले अंश को हटाने की मांग की गई है। श्री भारती ने आगे बताया कि यह संघ शिक्षारत डिप्लोमा छात्रों, कार्यरत कार्मिकों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पारिवारिक पेंशनर्स के हितों का संरक्षण करता है। 8वें वेतन आयोग के गठन के नोटिफिकेशन (3 नवम्बर 2025) में पेंशनर्स के विषय को सम्मिलित नहीं किया गया है। संघ ने विस्तार से सन्दर्भित पत्रों को ध्यान में रखते हुए इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही की मांग की है। 8वें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण के विषय को सम्मिलित न किए जाने से प्रदेश के कार्मिकों में भारी असन्तोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से पेंशन के पुनरीक्षण एवं अन्य लाभों को वेतन आयोग की परिधि में लाते हुए इसके ज्मतउे व ित्ममितमदबम में पेंशन के विषय को निम्नानुसार सम्मिलित किया गया था, ष्उन सिद्धान्तों की जांच करना, जिनसे पेंशन एवं अन्य सेवा नैवृत्तिक लाभों की संरचना शासित होनी चाहिए और इसमें इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि 1 जनवरी 2004 को अथवा उसके बाद नियुक्त केन्द्र सरकार के सभी कर्मचारियों के सेवा नैवृत्तिक लाभ नई पेंशन योजना के दायरे में आते हैं, उन कर्मचारियों की पेंशन में संशोधन भी शामिल है, जो इन सिफारिशों के प्रभावी होने की तारीख से पहले सेवानिवृत्त हो जायेंगे।ष् सचिव राधेश्याम भारती ने अपील की कि पेंशन पुनरीक्षण का विषय 8वें वेतन आयोग में सम्मिलित न किया जाना सेवानिवृत्त कार्मिकों के साथ भारी अन्याय है, जिसके फलस्वरूप उनका असन्तोष दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस कारण आन्दोलन की बाध्यकारी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, जो कालान्तर में जनआन्दोलन में परिवर्तित भी हो सकती हैं। भारत सरकार से अनुरोध है कि वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर विभेद पैदा करने वाले अंश को हटाया जाये। केंद्रीय 8वें वेतन आयोग के गठन के बारे में जारी नोटिफिकेशन के ज्मतउे व ित्ममितमदबम में पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य पेंशनरी लाभों को सम्मिलित किया जाये। पेंशन को (नदनिदकमक बवेज ंदक दवद-बवदजतपइनजवतल) गैर अंशदायी और गैर वित्त पोषित बताने वाले क्लॉज सं0 (एफ-3) को हटाने के लिए समय पर सकारात्मक कार्यवाही की जाये, अन्यथा संघ द्वारा भविष्य में बड़ा आन्दोलन किया जायेगा। इस अवसर पर अवर अभियन्ता राधेश्याम भारती, अध्यक्ष भोलेन्द्र यादव, अभिषेक सिंह, राजीव यादव, मोहम्मद तल्हा, राजीव गुप्ता सहित अन्य अवर अभियन्ता मौजूद रहे।

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