सिंभावली शुगर मिल ने किसानों की बकाया रकम को देने में जाहिर किया असमर्थता
नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल ला के रिसीवर हुए तैनात

बहराइच। बहराइच जिले की चिलवरिया सिंभावली शुगर मिल पर किसानों का बकाया बहुत दिनों से पड़ा हुआ है। जब किसानों ने अपनी बकायादारी को लेकर मिल प्रबंध तंत्र से बात किया तो मिल प्रबंध तंत्र ने बकाया रकम को देने की बात कही लेकिन जब दोबारा फिर से किसान ने अपने बकाया रकम को लेकर बात किया तो मिल के प्रबंधन ने बकाया रकम देने में असमर्थता जाहिर किया और जब यह बात दिल्ली स्थित नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी )में पहुंची तो नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल ने सिंभावली शुगर मिल्स चिलवरिया पर अपना रिसीवर तैनात कर दिया। बकाया रकम को लेकर काफी दिनों से भारतीय किसान यूनियन संगठन के लोगों ने किसानों के साथ मिलकर मिल के प्रबंध तंत्र से बात किया और बकाये रकम को देने के लिए कहा तो मिल के प्रबंध तंत्र ने जल्द ही रकम देने की बात कहीं लेकिन अभी तक पूरी रकम का भुगतान किसानों को नहीं किया और केवल वादा ही करते रहे कि जो बकाया है पहले का वह जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। मिली जानकारी अनुसार काफी महीनों पहले किसानों ने किसान यूनियन संगठन के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन भी भुगतान के लिए दिया लेकिन मिल प्रबंधन ने केवल वादा करके भुगतान नहीं किया और जब समय बीतता गया तो किसानों का सब्र का बांध टूट गया और पुनः किसानों ने जब अपने बकाए रकम कुल मिलाकर 104 करोड़ के बारे में देने के लिए कहा तो चीनी मिल चिलवरिया के प्रबंध तंत्र ने असमर्थता जताई। सत्र 2023-24 का 9.58 करोड़ और सत्र 2024-25 का 94.53 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। किसानों को बकाया रकम ना मिलने के कारण किसानों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है।




