लगता है कि किसी दिन यह सड़क इतना बड़ा हादसे का शिकार होगा, तब जाकर बनेगा सड़क

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर के विकास खण्ड बढ़नी अन्तर्गत ढेकहरी बुजुर्ग से ढेकहरी खुर्द से अरार्नाला तक गड्ढा मुक्त सड़क बनवाने के लिए कई बर्षों से ग्रामीणों सहित तमाम भाजपा नेताओं ने मोर्चा निकाला था, जिसको लेकर आज तक उक्त सड़क जैसी की तैसी ही हैं। आखिर क्या वजह है जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी डॉ0 राजा गणपति आर0 और सिद्धार्थनगर के तेज तर्रार सांसद जगदम्बिका पाल सहित शोहरतगढ़ के लोकप्रिय विधायक विनय वर्मा इस सड़क पर ध्यान क्यों नहीं देते है। आपको बता दें कि कुछ सालों पूर्व गड्ढा मुक्त सड़क बनवाने के लिए भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह प्रभारी सनी श्रीवास्तव से मिलकर उनके माध्यम से उस समय जिले के प्रभारी मंत्री ए0के0 शर्मा को जिला मुख्यालय पर उक्त सड़क बनाने के लिए मांग पत्र दिया गया था। जिसको लेकर नगर विकास शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार व ऊर्जा मंत्री प्रदेश सरकार ए0के0 शर्मा ने सड़क का प्रार्थना पत्र लेते हुए सड़क बनवाने का सनी श्रीवास्तव को आश्वासन दिया था। उन्होंने अधिकारियों से उक्त सड़क के बारें में जानकारी लेकर कहा था कि इतनी महत्वपूर्ण सड़क कैसे उपेक्षित पड़ी है, मैं देखूंगा और बनवाने का हर सम्भव प्रयास करूंगा। वहीं स्थानीय सांसद व विधायक से मिलकर व रजिस्ट्री पत्र के माध्यम से सड़क बनाने का अनुरोध भी किया गया था। लोकप्रिय विधायक विनय वर्मा के पहल पर एसडीएम शोहरतगढ ने ग्राम प्रधान से गांव के सड़क के गड्ढे में चार ट्राली ईंट व अदधा गिरवा दिया थे, जो न काफी था। जबकि कुछ साल पहले सड़क के सम्बन्ध में भाजपा प्रदेश सह प्रभारी सनी श्रीवास्तव ने कहा था कि मैं लखनऊ जा रहा हूं, मंत्री से मिलकर व्यक्तिगत रूचि लेकर सड़क बनवाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने कहा इस सड़क के सम्बन्ध में मैं पीडब्ल्यूडी मंत्री से भी मिलकर सड़क की समस्या से अवगत कराते उक्त सड़क को पीडब्ल्यूडी से बनवाने का अनुरोध भी करूंगा। यह सिर्फ सड़क की बात नहीं है, बल्कि यह लोगों की जिन्दगी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा का सवाल है। अगर प्रशासन ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो ढेकहरी-बैरिया मार्ग जैसे मुख्य सम्पर्क मार्ग की यह हालत दशार्ती है कि प्रशासनिक निगरानी कितनी कमजोर है। यदि अब भी कार्रवाई नहीं होती, तो इसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ेगा। जबकि इतना प्रयास करने के बाद भी प्रशासन अभी तक उक्त सड़क को ठीक नहीं किया। मालूम हो कि अभी तक तो इस सड़क को लेकर कोई नेता और न मंत्री और ना अधिकारी ध्यान देते है। इतना खराब रास्ता है कि आने जाने के लिए जान हथेली पर रखकर जाना पड़ता है। वहीं लोगों को यही लगता है कि किसी दिन यह सड़क इतना बड़ा हादसे का शिकार होगा, तब जाकर सड़क बनेगा।




