सिहोरवा में 02 परियोजनाओं पर 113 मनरेगा श्रमिकों से हो रहा कार्य, खुलेआम भ्रष्टाचार

दैनिक बुद्ध का संदेश/सुषमा मिश्रा
खेसरहा/सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड खेसरहा के ग्राम पंचायत का सिहोरवा में मनरेगा कार्य को लेकर 02 परियोजनाओं पर 113 मजदूर कार्य कर हैं, जो खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं फर्जी कार्य को लेकर आनलाइन हाजिरी हो रहा है। जबकि मौके मौके पर 15 से 20 मजदूर ही कार्य करते हुए मिले, बाकी सब गोलमाल है। वहीं दोनों परियोजनाओं में लगभग एक ही फोटो अपलोड कर आनलाइन कर खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है और जिम्मेदार कुम्भकर्णी नींद में सोये हुए हैं। वहीं योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए सरकार लाख कोशिश करें, मगर ब्लाक के जिम्मेदार चोरी का नया निजात कर अपने हिस्सा निकाल लेते हैं। पंचायत स्तर पर रोजगार सेवक वर्तमान में मनरेगा योजना में हो रहे भ्रष्टाचार के बड़े जिम्मेदार है। जबकि दूसरी कड़ी में ब्लॉक के बीडीओ साहब, सचिव और टीए की भूमिका अहम है। केवल कागजी कार्रवाई कर एमबी बनाकर हस्ताक्षर करने का हिस्सा मिल जाता है। सूत्रों की मानें तो ब्लाक से लेकर जिले तक के जिम्मेदार अपने कुर्सी छोड़ जमीनी हकीकत जानने और न देखने का प्रयास करते है, क्योंकि उनका हिस्सा फिक्स है। फर्जी मजदूरों के नाम पर ग्राम प्रधान और सचिव अपना जेब भर रहे हैं। विकास खण्ड खेसरहा के ग्राम पंचायत सिहोरवा में कार्य कोडरू 3151013042/ त्ब्/958486255823640257, डेत छव.रू 8031 एवं श्रमिकों की संख्याः 113 और कार्य का नाम: सिंहोरवा के राजस्व गांव पिपरहवा में पिच रोड से सामुदायिक शौचालय मिट्टी पटाई व इन्टरलाकिंग कार्य है।




