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उत्तर प्रदेशबहराइच

अभी तक नहीं लगी परशुराम द्वार पर भगवान परशुराम की प्रतिमा, महाराणा प्रताप और चेतक का आकार कम किए जाने से स्थानीय लोगों में फैला गहरा आक्रोश

पयागपुर/बहराइच। बहराइच जिले के खुटेहना-हुजूरपुर मार्ग पर स्थित महाराणा प्रताप सिंह द्वार पर लगी प्रतिमा और उनके घोड़े चेतक के निर्माण के साथ इस तरह उदासीनता दिखाई गई है और उसके वास्तविक आकार को पूरा ना करके उसे छोटा कर दिया गया है जबकि इसके लिए 2019-20 में विधायक निधि से पैसा आवंटित हो गया था। महाराणा प्रताप सिंह द्वार पर लगी महाराणा प्रताप और चेतक की प्रतिमा के निर्माण कार्य को आधा अधूरा आधार में पड़ा हुआ देखकर क्षेत्र वासियों ने काफी प्रयास किया तो चेतक और महाराणा प्रताप की प्रतिमा को बिल्कुल छोटा सा करके एक फिट का स्वरूप दे दिया गया जिससे यह मालूम होता है कि महाराणा प्रताप की प्रतिमा और चेतक के साथ खिलवाड़ किया गया है। इस घटना ने क्षत्रिय समाज और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों में गहरा रोष पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों में जिनमें निर्भय सिंह, पंडित विनय कुमार मिश्रा, विजयपाल सिंह, सूरज सिंह, प्रदीप सिंह और आनंद सिंह प्रमुख ने बताया कि विधायक निधि से वर्ष 2019-20 में 22,52,320 की लागत से इस द्वार का निर्माण प्रस्तावित था। कार्यदायी संस्था (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बहराइच) पर आरोप है कि उसने महाराणा प्रताप की प्रतिमा को आधा-अधूरा छोड़कर खिलवाड़ किया। स्थानीय लोगों के अथक प्रयासों के बाद ही महाराणा प्रताप सिंह द्वार पर बनी प्रतिमा और चेतक को दोबारा से एक फीट का स्वरूप दे दिया गया, जो अब पूरे समाज में चर्चा का विषय बन गया है। वहीं परशुराम द्वार पर भी प्रतिमा न लगने से लोगों का नाराजगी का मामला खत्म नहीं होता हुआ दिखाई पड़ रहा है जबकि इसे बने हुए लगभग तीन साल पूरे हो चुके हैं। इस अनदेखी ने भी स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ा दी है। खुटेहना के आसपास रहने वाले लोगों ने पुरजोर मांग की है कि महाराणा प्रताप सिंह की प्रतिमा और चेतक के स्वरूप को उचित सम्मान दिया जाए और इसके आकार को बढ़ाया जाए। पंडित विनय मिश्रा ने भी भगवान परशुराम की प्रतिमा को जल्द से जल्द परशुराम द्वार पर स्थापित करने की मांग की है। इससे यह विदित होता है कि स्थानीय समुदायों के लोगों में अपने महापुरुषों के सम्मान और उनकी पहचान के प्रति बहुत बड़ा मान सम्मान है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले पर संज्ञान ले और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करके महाराणा प्रताप की मूर्ति और चेतक को उचित आकार दिया जाए।

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