छावनी में संत निरंकारी का 24 वॉ संत समागम का आयोजन

छावनी। छावनी के अशोक इण्टर कालेज के खेल के मैदान पर संत निरंकारी मिशन के 24वॉ निरंकारी संत सगागम का आयोजन शुक्रवार को किया गया कार्यक्रम में प्रयाग राज से आए हुए महात्मा राम ललक ने अपने संबोधन में कहा कि सतगुरु सच का पैगाम देता है। सतगुरु के वचनों को जीवन में धारण करने से ही वास्तविक सुख की प्राप्ति होती है। वास्तविक सुख दौलत में नहीं है बल्कि वास्तविक सुख तो संतोष में है। अपनी मेहनत से कमाई हुई रोटी खाकर ही इंसान चौन की नींद सोता है, जो व्यक्ति अपने साथ-साथ दूसरों का भी भला परमात्मा से मांगता है, उसके जीवन में कभी कोई कमी नहीं आती। संत महात्मा स्वार्थी नहीं होते. अपितु वे तो सदा ही सरल स्वभाव के होते हैं। जो नित्य निरंतर सत्संग में आता है उसके जीवन में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है तथा उसका स्वभाव संतो वाला होने लगता है एवं फिर उसे यह सारा संसार ही अपना लगने लगता है। जब मानव को सारा संसार अपना लगने लगता है तभी वह सारे संसार के भले की कामना करता है। चाहे हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई या किसी भी धर्म को मानने वाला हो, सबको बनाने बाला एक ही ईश्वर है। सबके अंदर एक ही ईश्वर का नूर है और जो ऐसा मानता है वही संत है। सत्संग में तुलसीराम मुखी,सुमन मौर्या ,जोखूराम ,झपसूराम,ज्ञानचन्द्र,कपिल देव,माताप्रसाद,अनिल कुमार,अनिल,कृष्णा,अमित कुमार, देवी आदि रहे।




