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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

विकास विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग के कार्यो की समीक्षा बैठक हुई सम्पन्न

सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 की अध्यक्षता में विकास विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग के कार्यो की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुआ। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी खण्ड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत द्वारा ओ0डी0एफ0 मॉडल ग्रामों में सुबह/शाम में सामुदायिक शौचालय, आर0आर0सी0 सेन्टर का निरीक्षण करे। कूड़ा कलेक्शन हो रहा है कि नही के बारे में निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराये। जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देेश दिया कि शासन की विशेष प्राथमिकता है कि आरआरसी सेन्टर को संचालित किया जाये। उसमें सभी सुविधायें पूर्ण करा दिया जाये। जो भी कार्य ग्राम पंचायतों में कराये जाये उसका समय से भुगतान किया जाये। प्रत्येक सप्ताह में खण्ड विकास अधिकारी एवं एडीओ पंचायत कम से कम 05 ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करेंगे एवं साथ ही 06 विन्दुओ की अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को प्रेषित करेंगे तथा प्रतिलिपि जिलाधिकारी को करेंगे। ग्राम पंचायतों के स्थलीय सत्यापन के समय आर0आर0सी0 सेन्टर, पंचायत भवन, हैण्डपम्पों की स्थिति व अन्य कार्येा की गुणवत्ता को देखकर रिपेार्ट प्रेषित करेगे। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की एडीओ पंचायत/सचिव से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त कर प्रथम एवं द्वितीय किश्त का भुगतान कराये। वित्त आयोग की समीक्षा में खण्ड विकास अधिकारी एवं एडीओ पंचायत ऐसे गांवों को चिन्हित करे जहां पर सबसे कम व्यय हुआ है उस गांव के सचिव से मिलकर कार्याे में प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। ग्रामीण अन्त्येष्टि स्थल विकास योजनान्तर्गत वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपूर्ण अन्त्येष्टि स्थलों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराये। पंचायत भवन की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त करे। जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहाँ कि समस्त निर्माण कार्य निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समय से पूर्ण कराये। पंचायत सहायक और सामुदायिक शौचालय के केयर टेकर के मानदेय का भुगतान कराये। जिलाधिकारी ने डी सी मनरेगा को निर्देश दिया कि समूह में कार्यरत कार्मिको द्वारा कार्य में प्रगति नही होती है तो इनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि मेरी अनुमति के बिना वेतन आहरित न करे। अन्नपूर्णा भवन, एम डी एम शेड, मनरेगा पार्क का निर्माण कार्य पूर्ण समय से पूर्ण कराने के साथ ही प्रत्येक गांव में पुस्तकालय में पांच हजार की पुस्तक खरीद कर रखने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त पी0डी0 नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी गोपाल प्रसाद कुशवाहा, डीसीमनरेगा सन्दीप सिंह, डीपीआरओ पवन कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा0 जीवनलाल, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त एडीओ पंचायत व अन्य संबधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे

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