बहराइच से उठी परीक्षा व्यवस्था सुधार की मांग, राष्ट्रपति के नाम भेजा गया ज्ञापन

दैनिक बुद्ध का संदेश
बहराइच। देशभर में छम्म्ज् समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक प्रकरणों को लेकर अब बहराइच से भी आवाज बुलंद होने लगी है। शुक्रवार को राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (त्.।.ड.) के जिलाध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत और भविष्य दांव पर लग जाता है। ज्ञापन में परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की गई।
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ज्ञापन की प्रमुख मांगें रू- पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय का गठन। दोषियों और परीक्षा माफियाओं की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई। पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ की सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच तथा घायल छात्रों का निःशुल्क उपचार। भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षा तंत्र का गठन। प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क पुनर्परीक्षा और मानसिक परामर्श केंद्रों की स्थापना। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष परीक्षा और अपनी मेहनत का सम्मान चाहता है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो जाएंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी, अधिवक्ता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद रहे।




