मध्यान्ह भोजन योजना की समस्याओं के समाधान के लिए यूटा ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजा पत्र

दैनिक बुुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष अभय कुमार पांडेय एवं मंडल अध्यक्ष बस्ती हरिमोहन सिंह श्रीनेत ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश को पत्र प्रेषित कर मध्यान्ह भोजन (पीएम पोषण) योजना से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को अत्यंत कम मानदेय पर पूरे मनोयोग से कार्य करने के बावजूद समय से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाता है। मांग की गई है कि रसोइयों का मानदेय प्रत्येक माह नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही कन्वर्जन कॉस्ट समय पर न मिलने के कारण विद्यालयों में भोजन व्यवस्था प्रभावित होती है और कई बार शिक्षकों को अपने निजी संसाधनों से व्यवस्था करनी पड़ती है। संगठन ने कन्वर्जन कॉस्ट का माहवार भुगतान सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि परिषदीय विद्यालयों में प्रत्येक सोमवार को विद्यार्थियों को फल वितरण की व्यवस्था है, किंतु कई वर्षों से प्रति छात्र मात्र चार रुपये की दर निर्धारित है, जो वर्तमान महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। संगठन ने फल वितरण की निर्धारित धनराशि में वृद्धि करने तथा उसका समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। इस अवसर पर यूटा के मंडल अध्यक्ष बस्ती हरिमोहन सिंह श्रीनेत ने कहा कि शिक्षक मूलतः शिक्षण कार्य के लिए नियुक्त हैं, लेकिन मध्यान्ह भोजन योजना सहित विभिन्न अतिरिक्त दायित्वों के कारण वे विद्यार्थियों को पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य नहीं करा पा रहे हैं। यदि मध्यान्ह भोजन योजना से संबंधित व्यवस्थाओं को सरल बनाया जाए तथा सभी मदों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए, तो शिक्षक अधिक समय और ऊर्जा विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास पर केंद्रित कर सकेंगे। यूटा जिलाध्यक्ष अभय कुमार पांडेय ने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से पीएम पोषण योजना का संचालन और अधिक प्रभावी होगा तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।




