भारत-नेपाल सीमा पर खाद तस्करी रोकने को सख्ती, दो उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर सब्सिडी वाली उर्वरक की तस्करी रोकने के लिए एसएसबी 43वीं बटालियन और पुलिस द्वारा लगातार जांच एवं तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ककरहवा से खुनुवा बॉर्डर तक सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में कृषि विभाग ने भी उर्वरक वितरण में अनियमितता के खिलाफ कार्रवाई की है। जिला कृषि अधिकारी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि), लोटन की संयुक्त टीम ने निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मै. कृष्णा खाद भंडार, चनरेशिया तथा श्यामदेव खाद विक्रेता, जाफरजोत, विकासखंड लोटन में उर्वरक वितरण में अनियमितता एवं अभिलेखीय कमियां पाए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। कृषि विभाग ने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि किसानों की खतौनी, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का विवरण वितरण रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए तथा फसल की आवश्यकता के अनुसार निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय लोगों ने सीमा पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि एसएसबी, पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी रहने से खाद की अवैध निकासी पर प्रभावी अंकुश लगेगा और किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।




