भनवापुर में पांच दिवसीय किसान प्रशिक्षण संपन्न, वैज्ञानिकों ने बताए सुगंधित धान बीज उत्पादन के गुर

दैनिक बुद्ध का संदेश
भनवापुर/सिद्धार्थनगर।।कृषि विज्ञान केंद्र सोहना, भनवापुर में ष्सुगंधित धान बीज उत्पादन तकनीकष् विषय पर 13 से 17 जुलाई तक आयोजित पांच दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, रोग एवं खरपतवार प्रबंधन तथा वैज्ञानिक तरीके से बीज भंडारण की जानकारी दी गई। मुख्य वक्ता वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं केंद्राध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने किसानों से मान्यता प्राप्त स्रोत से ही बीज खरीदने और क्षेत्र की जलवायु व मृदा के अनुसार धान की उपयुक्त प्रजाति चुनने की सलाह दी। इंजीनियर अशोक कुमार पाण्डेय ने वैज्ञानिक विधि से नर्सरी तैयार करने और ट्राइकोडर्मा व रसायनों से बीज उपचार की प्रक्रिया बताई। प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने कहा कि सिद्धार्थनगर में सर्वाधिक क्षेत्रफल में कालानमक धान की खेती होती है और अधिक लाभ के लिए बीज व चावल की शुद्धता बनाए रखना जरूरी है। बीज वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने सिंचाई एवं जल निकास वाले खेत के चयन, संतुलित उर्वरक प्रयोग, हरी खाद के उपयोग तथा बीज उत्पादन में तीन मीटर पृथक्करण दूरी बनाए रखने की सलाह दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार ने मृदा परीक्षण कराकर उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करने और प्रति हेक्टेयर 10 से 12 टन सड़ी गोबर की खाद डालने पर जोर दिया। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने पूरी तरह पकी फसल की कटाई तथा मड़ाई के दौरान बीज की शुद्धता बनाए रखने की बात कही। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने सुरक्षित बीज भंडारण और प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ. मार्कण्डेय सिंह ने बीजों के प्रकार एवं खरपतवार प्रबंधन की जानकारी दी। कार्यक्रम में रवि गिरी, मुकेश मिश्रा, राम नयन, राजीव कुमार पाण्डेय, अश्वनी पाठक, जितेंद्र सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। वैज्ञानिकों ने किसानों से प्रशिक्षण में मिली तकनीकों को अपनाकर गुणवत्तापूर्ण सुगंधित धान एवं बीज उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।


