लाल खून के काले कारोबारियों के बारात में शामिल हुए विभाग में तैनात दो संविदा कर्मी कार्यवाही शुरू,जांच प्रचलित

दैनिक बुद्ध का संदेश
गोन्डा। जनपद में हाल ही पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से खून के कारोबार करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह को पकड़ा जिसका खुलासा होने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।चर्चा है कि गिरोह के मास्टरमाइंड बताए गए संविदा लैब टेक्नीशियन अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।यह कार्रवाई एडी स्वास्थ्य, देवीपाटन मंडल के निर्देश पर बलरामपुर और श्रावस्ती के स्वास्थ्य विभाग कर रहे हैं।रविवार को गोन्डा नगर कोतवाली पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।अभिषेक सिंह बलरामपुर के संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक में संविदा लैब टेक्नीशियन के पद पर तैनात हैं,जबकि सौरभ श्रीवास्तव श्रावस्ती के भिनगा जिला अस्पताल में कार्यरत हैं।दोनों जनपदो के स्वास्थ्य विभागों ने संबंधित ब्लड बैंक और लैब प्रभारियों से दोनों कर्मचारियों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों की संविदा सेवा समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह से स्वास्थ्य विभाग का कोई अन्य कर्मचारी तो जुड़ा नहीं था।जांच में सामने आया है कि अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव बलरामपुर में श्केके चौरिटेबल ट्रस्टश् के नाम से ब्लड बैंक संचालित कर अवैध रूप से खून का कारोबार कर रहे थे।गिरोह ब्लड बैंक से मिलते-जुलते फर्जी कार्ड छपवाकर लोगों को गुमराह करता था और उसी के जरिए अवैध गतिविधियों को अंजाम देता था।ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा ने बताया कि अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बलरामपुर स्थित श्केके चौरिटेबल ब्लड बैंकश् को सील कर दिया है। वहीं, अभिषेक सिंह के पिता जगदीश सिंह, जो गोन्डा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरीकृपाल में क्लर्क हैं,उनकी भूमिका की भी स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक सिंह के खिलाफ बलरामपुर और सौरभ श्रीवास्तव के खिलाफ श्रावस्ती स्वास्थ्य विभाग विभागीय कार्रवाई कर रहा है। दोनों संविदा कर्मचारी होने के कारण उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही ब्लड बैंक और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच भी जारी है।




