खेसरहा में लाखों से बना सामुदायिक शौचालय बना शोपीसः ग्रामीणों को नहीं मिल रही सुविधा

दैनिक बुद्ध का संदेश
खेसरहा। खेसरहा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत बनौली में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय देखरेख और संचालन के अभाव में अनुपयोगी बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह शौचालय केवल शोपीस बनकर रह गया है, जिससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में हुआ था। हालांकि, निर्माण के बाद इसकी नियमित देखरेख के लिए किसी केयरटेकर की नियुक्ति नहीं की गई। इसी कारण शौचालय का संचालन ठप हो गया है और ग्रामीण इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यह सुविधा बंद है, जिससे सरकारी धन का उचित उपयोग नहीं हो रहा है। गांव के वेद प्रकाश ने बताया कि शौचालय बनने के बाद कुछ समय तक सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह उपयोग में नहीं है। बबलू का कहना है कि शौचालय बंद होने के कारण लोगों को अन्य विकल्प तलाशने पड़ते हैं। हर्षित ने कहा कि यदि नियमित सफाई और देखरेख होती, तो यह ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित होता। रीता ने बताया कि महिलाओं को स्वच्छ शौचालय की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, और सुविधा बंद होने से उन्हें परेशानी हो रही है। इस संबंध में, ग्राम प्रधान विंध्यवासिनी के प्रतिनिधि विकास त्रिपाठी ने बताया कि सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सकेद्य ग्रामीणों का कहना है कि सरकार बुनियादी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि रखरखाव और संचालन समय पर न हो तो ऐसी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाती हैं। उन्होंने सामुदायिक शौचालय को जल्द चालू कराने और नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।




