न्याय न मिलने से आहत महिला ने एसपी ऑफिस में खुद पर छिड़का पेट्रोल,मचा हड़कंप

दैनिक बुद्ध का संदेश
गोन्डा। जनपद में बेटी की मौत के मामले में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से आहत होकर थाना मनकापुर क्षेत्र निवासिनी एक महिला ने बुधवार सुबह लगभग 11रू30 बजे एसपी कार्यालय में आत्मदाह का प्रयास किया। महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया था।समय रहते महिला पुलिसकर्मियों ने बोतल छीनकर एक बड़ी घटना टाल दी। इसके बाद महिला को हिरासत में ले लिया गया।इस घटना से एसपी आफिस में अफरा तफरी मच गई।मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला का नाम रूपाली है।नवंबर 2025 में उसकी 9 साल की बेटी सिद्धि की तबीयत खराब हुई थी।13 नवंबर को उसे शहर के आशा देव मेमोरियल सर्जिकल एवं मैटरनिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।बच्ची को प्लेटलेट्स की कमी और शरीर में पानी बढ़ने की शिकायत थी।रूपाली का आरोप है कि अस्पताल वालों ने पहले 50 हजार रुपए मांगे। 6 दिन भर्ती रहने के दौरान डॉक्टरों ने बच्ची को 3-4 यूनिट खून चढ़ाने को कहा। इसके लिए 11 हजार 500 रुपए जमा कराए।अगले दिन फिर 50 हजार रुपए मांगे गए। पैसे न होने पर डॉक्टरों ने बच्ची को कहीं और ले जाने की बात कही।रूपाली का सबसे गंभीर आरोप है कि उसकी बेटी को एक्सपायरी खून चढ़ाया गया। वह पढ़ी-लिखी नहीं है इसलिए खून की थैली नहीं पढ़ सकी, लेकिन उसने पैकेट की फोटो खींच ली थी। खून चढ़ाने के बाद बच्ची की हालत और बिगड़ गई। 19 नवंबर 2025 को डॉक्टरों ने सिद्धि को मृत घोषित कर दिया।रूपाली ने यह भी आरोप लगाया कि शव सौंपने से पहले अस्पताल प्रशासन ने 1 लाख रुपए की मांग की। किसी तरह रुपए जुटाकर देने के बाद ही उसे बेटी का शव मिला।कार्रवाई न होने से नाराज रूपाली बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंची और पेट्रोल छिड़क लिया। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर एक कमरे में ले जाकर शांत कराया।एएसपी राधेश्याम राय ने पूरे मामले की जांच सीएमओ को सौंप दी है।इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब थाने में सुनवाई नहीं होती तो पीड़ित को इंसाफ के लिए जान तक देनी पड़ती है।




