व्यापारियों ने पुलिसकर्मियों पर धनउगाही का लगाया आरोप, एसपी से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। लोटन थाना क्षेत्र के घरवाली गांव निवासी किराना व्यापारी प्रविंद प्रजापति और मंजेश प्रजापति पुत्र सुरेश ने हरिवंशपुर चौकी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले को लेकर व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष अजय कसौधन के नेतृत्व में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 6 जुलाई की रात करीब 10 बजे दोनों व्यापारी अपनी किराना दुकान के लिए सामान खरीदकर वाहन से घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में सादे कपड़ों में मौजूद हरिवंशपुर चौकी के दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए सामान सहित चौकी ले गए। पीड़ितों का कहना है कि चौकी पर उन्हें कई घंटे तक बैठाए रखा गया तथा छोड़ने के नाम पर धन की मांग की गई। आरोप है कि जब उन्होंने पैसे देने में असमर्थता जताई तो पुलिसकर्मियों ने कस्टम विभाग के अधिकारियों को बुलाकर उनका पूरा किराना सामान उनके सुपुर्द कर दिया।पीड़ित व्यापारियों का कहना है कि वे छोटे कारोबारी हैं और किराना दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस कार्रवाई से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें न्याय दिलाया जाए।घटना को लेकर व्यापारियों में रोष व्याप्त है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष अजय कसौधन ने कहा कि यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका गलत पाई जाती है तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी व्यापारी के साथ इस प्रकार की घटना न हो।हालांकि, इस मामले में अभी तक पुलिस विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों को निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा है कि यदि जांच में किसी भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




