लिपिक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप, जांच में मिले अनियमितता के संकेत

दैनिक बुद्ध का सन्देश
सिद्धार्थनगर। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) में तैनात एक लिपिक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में सतर्कता विभाग की जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में आय और व्यय के बीच बड़ा अंतर पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।सूत्रों के अनुसार, संबंधित लिपिक के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति बनाने की शिकायत के बाद सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर इकाई ने जांच की। जांच के दौरान उनकी आय, संपत्तियों और खर्च से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि संबंधित कर्मचारी की ज्ञात आय की तुलना में खर्च और निवेश काफी अधिक पाए गए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार आय और व्यय के बीच लगभग 37 लाख रुपये से अधिक का अंतर सामने आया है, जिसका संतोषजनक विवरण जांच एजेंसी को नहीं मिल सका।सतर्कता विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की संस्तुति की है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक एवं विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।




