लावारिस बताकर शव का अंतिम संस्कार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई, एसआई समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

दैनिक बुद्ध का संदेश
खेसरहा। शिवनगर थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति के शव का पहचान सुनिश्चित किए बिना लावारिस बताकर अंतिम संस्कार कराए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर दुर्घटना की जांच एवं मृतक की पहचान के लिए गठित सीसी टीम में शामिल उपनिरीक्षक आजम खान, मुख्य आरक्षी (दीवान) सुशील राय तथा मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। शिवनगर थाना क्षेत्र के नदांव गांव निवासी रामनरेश गुप्ता तीन जुलाई को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलौली और बाद में सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां पांच जुलाई को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस बीच चार जुलाई को उनके घर वापस न लौटने पर परिजनों ने शिवनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस उनकी पहचान सुनिश्चित नहीं कर सकी और सात जुलाई को शव का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार करा दिया। घटना का खुलासा 23 जुलाई को उस समय हुआ, जब शिवनगर डिड़ई पुलिस ने परिजनों को मामले की जानकारी दी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने खुटेहना चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। सूचना पर उपजिलाधिकारी विश्वामित्र सिंह, क्षेत्राधिकारी शुभेंदु सिंह सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 जुलाई को पुलिस अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उपनिरीक्षक आजम खान, मुख्य आरक्षी (दीवान) सुशील राय तथा मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। क्षेत्राधिकारी शुभेंदु सिंह ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच में यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।




