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उत्तर प्रदेशगोंडा

कई वर्षों से एक ही पद पर तैनात थे नजूल आमीन, रिश्वतखोरी में भेजे गये जेल,शुरू हुई निलंबन कार्रवाई

दैनिक बुद्ध का संदेश
गोन्डा। जनपद का नगर पालिका परिषद पहले से ही कई मामलों में मीडिया के सुर्खियों में बना रहता था। लेकिन मामला तब सवालो के घेरे में आ गया और आमजनता के द्वारा चर्चा का विषय बना विभाग मे कार्यरत छोटे कर्मचारी को बलि वेदी पर चढ़ा दिया गया।लोगो में दबे जुबान से यह भी कहा जा रहा है कि क्या कोई कर्मचारी बिना जिम्मेदार अधिकारी के सहयोग के बिना इतनी बड़ी रकम मांगने का सहर्ष कर सकता है।हाल में एन्टी करप्शन टीम के हत्थे चढ़े नजूल अमीन गुरुचरण पाण्डेय की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं।सोमवार को एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल की टीम ने उन्हें 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।गिरफ्तारी के बाद मंगलवार से उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्राप्त सूचना के अनुसार एंटी करप्शन की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार सुबह 10 बजे नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी विशाल कुमार ने अध्यक्ष से गुरुचरण पाण्डेय के निलंबन को लेकर रिपोर्ट मांगी है।रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें निलंबित किया जाएगा। पूरे मामले में विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लिया है।उन्होंने प्रभारी ईओ विशाल कुमार से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।डीएम ने गिरफ्तार नजूल अमीन के खिलाफ निलंबन सहित अन्य कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं और श्जीरो टॉलरेंसश् नीति के तहत कार्य करने को कहा है।गुरुचरण पाण्डेय की गिरफ्तारी के बाद गोन्डा नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।सूत्रों के अनुसार कई कर्मचारी रडार पर है,जिसके कारण अपना मोबाइल फोन बंद कर गायब हो गए हैं।
बॉक्स…………..बीजेपी नेत्री ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
चर्चा है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अवध क्षेत्र की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रत्ना वर्मा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुचरण पाण्डेय 33 सालों से एक ही विभाग में तैनात थे, ऐसे में यह रिश्वतखोरी का खेल अकेले उनके दम पर नहीं चल रहा होगा। रत्ना वर्मा ने आशंका जताई कि इस गिरोह में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष और अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।रत्ना वर्मा ने आरोप लगाया कि ष्6 लाख में मामला सेटल हुआ था और 1 लाख टोकन मनी लेते समय पकड़े गए हैं।कहीं ना कहीं नगर पालिका अध्यक्ष और विभाग के लोग भी इनसे पैसा ले रहे थे।ष् फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।

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