महामाया राजकीय महाविद्यालय में संस्कृत व इतिहास विभाग द्वारा प्रसार व्याख्यान आयोजित

श्रावस्ती/इकौना। महामाया राजकीय महाविद्यालय, श्रावस्ती में संस्कृत एवं इतिहास विभाग के सौजन्य से एक प्रसार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विकास सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, तुलनात्मक धर्म एवं सभ्यता अध्ययन केंद्र, जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय, साम्बा (जम्मू-कश्मीर) रहे। अपने सारगर्भित एवं वैदुष्यपूर्ण उद्बोधन में डॉ. सिंह ने कहा कि “समस्त धर्मों का मूल तत्व दया, करुणा, शील और आचरण की पवित्रता है। यदि ये गुण हमारे भीतर नहीं हैं, तो हम मानव कहलाने के अधिकारी नहीं हैं।” उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “मानसिक एकाग्रता और साधना से ही जीवन के उद्देश्यों में सफलता प्राप्त की जा सकती है।” कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार ज्ञापन डॉ. उपेन्द्र कुमार सोनी ने किया, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी डॉ. आशुतोष मिश्र और सत्य प्रकाश वर्मा ने संभाली। इस अवसर पर डॉ. श्याम नारायण वर्मा, अभय कुमार, दीनानाथ, माधवराज यादव सहित छाया कर शिवकुमार पाठक भास्कर नाथ विश्वकर्मा व महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




