राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 शुरू, वादकारियों से सुलह योग्य मामलों को मध्यस्थता केंद्र भेजने की अपील

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 के तहत जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराना है।माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर मोहम्मद रफी के निर्देश पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेन्द्र नाथ ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर 1 जनवरी 2026 से संचालित इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जनपद में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, उपभोक्ता विवाद, संपत्ति बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, आपराधिक मामलों सहित अन्य सुलह योग्य दीवानी मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण कराया जा सकता है।जनजागरूकता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय तथा जनपद की सभी तहसीलों में तैनात पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) के माध्यम से बैनर, पोस्टर एवं हैंडबिल वितरित किए जा रहे हैं तथा प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार सामग्री चस्पा की जा रही है।सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेन्द्र नाथ ने जनपद के सभी वादकारियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि सुलह योग्य मामलों को अधिक से अधिक संख्या में मध्यस्थता केंद्र, सिद्धार्थनगर में संदर्भित कराकर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान न केवल समय और धन की बचत करता है, बल्कि आपसी संबंधों को भी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।




