पोषण भी, पढ़ाई भी से सशक्त होंगे नन्हें कदम – खेसरहा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

सिद्धार्थनगर। ब्लाक संसाधन केन्द्र में बाल विकास परियोजना के द्वारा आयोजित “पोषण भी, पढ़ाई भी” विषयक तीन दिवसीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं प्रशिक्षण मंगलवार को सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में बाल विकास परियोजना अधिकारी आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि पोषण भी, पढ़ाई भी से सशक्त नन्हें बच्चे सशक्त होंगे, इसके लिए विभाग के तरफ से सभी आंगनबाड़ी को तीन प्रकार के किताब भी उपलब्ध करवाए गए हैं जिसमें साप्ताहिक खेल आधारित कैलेण्डर , खेल आधारित गतिविधियों का संग्रह ष्आधार शीलाष् और बौद्धिक विकास गतिविधियों का कैलेण्डर ष्नवचेतनाष् नाम के किताब हैं। वहीं कार्यकर्ताओं को पोषण और पढ़ाई के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई, पढ़ाई के साथ संतुलित आहार कैसे दिया जा सकता है। आदि पर प्रशिक्षित किया गया इस प्रशिक्षण में गीत, बालगीत और नाटक के माध्यम से कार्यकत्रियों को जानकारी दिया गया, जिससे सभी ने मनोरंज तरीके नया सिख लिया। सिनर्जी संस्थान से प्रशिक्षक ब्लाक प्रतिनिधि अतुल उपाध्याय एवं रीता मिश्रा ने से कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भोजन वितरण का स्थल नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला हैं। यहाँ यदि पोषण और शिक्षा का समन्वय हो जाए, तो आने वाली पीढ़ी और मजबूत होगी। साथ ही सर्वाइकल कैंसर और एनीमिया पर भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकत्रियों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। उन्होंने सामूहिक गतिविधियों, खेलों और गीतों के माध्यम से यह जाना कि किस तरह बच्चों को पढ़ाई में रुचि के साथ-साथ पोषण संबंधी आदतें भी सहजता से सिखाई जा सकती हैं। पिरामल फाउंडेशन से योगेन्द्र मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि कुपोषण और अशिक्षा समाज की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। यदि आंगनबाड़ी केंद्र सशक्त होंगे तो न केवल बच्चे, बल्कि पूरा समाज सशक्त होगा। तीनों किताब के अनुसार ही गतिविधि करने पर जोर दिया, तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और आत्मविश्वास भर दिया। इस प्रशिक्षण के दौरान ब्लाक समन्वयक विजेन्द्र,पिरामल फाउंडेशन से योगेन्द्र मोहन,शोधार्थी दुर्गेश कुमार गुप्ता, सुपरवाइजर उर्मिला सिंह एवं अनिता शर्मा सहित समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रतिभाग किया।




