नकली शराब बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, भारी मात्रा में शराब निर्माण सामग्री, वरामद

दैनिक बुद्ध का संदेश
सोनभद्र।पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक थाना रॉबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा के नेतृत्व में थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस टीम द्वारा बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए नकली शराब बनाने एवं बिहार राज्य में आपूर्ति करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया। 05.07.2026 को थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बट्ट स्थित मामा ढाबा परिसर में ट्रेलर खड़ा है, जिसमें अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त सामग्री लदी हुई है। प्राप्त सूचना पर तत्काल थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर ट्रेलर की ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए विधिक तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रेलर के अंदर से भारी मात्रा में 200-200 लीटर क्षमता के 03 प्लास्टिक ड्रमों में कुल 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट, कैरेमल, शराब में प्रयोग होने वाला एसेंस (फ्लेवरिंग सब्सटेंस), यूनाइटेड स्पिरिट ब्रांड का पैकिंग टेप तथा विभिन्न आकार की लगभग 36,000 कांच की शराब की शीशियां बरामद हुईं। बरामद समस्त सामग्री अवैध रूप से नकली शराब तैयार कर उसकी पैकेजिंग एवं ब्रांडेड कंपनियों के नाम से बिक्री किए जाने में प्रयुक्त होने वाली पाई गई। मौके से ट्रेलर सहित समस्त सामग्री को कब्जे में लेते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर थाना रॉबर्ट्सगंज पर मु0अ0अंतर्गत धारा 60/62/63/72 आबकारी अधिनियम एवं धारा 319, 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने संचालकों की सफल योजना पर पंजाब के खन्ना (जिला लुधियाना) से शराब निर्माण में प्रयुक्त रेक्टिफाइड स्पिरिट, कैरेमल, फ्लेवरिंग एसेंस, पैकिंग टेप एवं विभिन्न ब्रांड की खाली कांच की बोतलें लेकर बिहार-झारखंड सीमा स्थित हरिहरगंज क्षेत्र जा रहे थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उक्त सामग्री को आपस में मिलाकर नकली शराब तैयार की जाती थी तथा विभिन्न प्रतिष्ठित शराब कंपनियों के नाम एवं पैकिंग का प्रयोग कर उसे असली शराब के रूप में बिहार राज्य में अवैध रूप से बेचा जाता था।पूछताछ में यह भी बताया गया कि बरामद माल के परिवहन हेतु प्रयुक्त बिल्टी एवं अन्य परिवहन अभिलेख फर्जी थे, जिन्हें केवल पुलिस एवं अन्य जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के उद्देश्य से तैयार कराया गया था। गिरोह के सरगना एक ही पंजीकरण संख्या का उपयोग विभिन्न वाहनों में कर अवैध शराब की तस्करी कराते हैं तथा सम्पूर्ण नेटवर्क का संचालन व्हाट्सएप कॉल एवं मोबाइल के माध्यम से करते हैं। रास्ते में खर्च हेतु गिरोह के संचालकों द्वारा फोन-पे के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जाती थी तथा उसी धनराशि से टोल टैक्स एवं अन्य खर्चों का भुगतान किया जाता था। साथ ही अभियुक्तों के द्वारा बताया गया कि बरामद सामग्री के सम्बन्ध में उनके पास कोई वैध लाइसेंस, अनुमति-पत्र अथवा अधिकृत दस्तावेज नहीं है तथा स्वीकार किया कि उक्त समस्त कार्य अवैध रूप से किया जा रहा था। हम लोग थोड़ी देर में यहाँ से आराम करके हरिहरगंज के लिए निकलने वाले थे कि आप लोगों के द्वारा हमको पकड़ लिया गया।



