पुरानी रंजिश में दुकान में घुसकर तोड़फोड़, नकदी लूटने का भी आरोप

दैनिक बुद्ध का सन्देश
उतरौला/बलरामपुर।रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव में पुरानी रंजिश को लेकर खूनी खेल हुआ। गांव निवासी रामकुमार पुत्र रघुशीचंद ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही दर्जन भर लोगों पर रात में दुकान में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ व नकदी लूटने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बेटी से छेड़खानी और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस ने हमलावरों की तहरीर पर पीडितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया जबकि यूपी 112 और गांव के चौकीदार की भी बात को दरकिनार कर दिया।रामकुमार ने बताया कि 6 जून की रात करीब 9 बजे वह अपनी दुकान पर बच्चों के साथ मौजूद था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते विपक्षी रामसेवक पुत्र रामसुमेर, नीरज, सुरेश पुत्रगण रामसेवक, रामबहादुर, रामकुबेर व अनेक अज्ञात निवासी ग्राम डबरा रेहरा लाठी-डंडा, भाला, फरसा, कुल्हाड़ी आदि से लैस होकर आ धमके। प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़ित उस समय दुकान पर ग्राहकों को सामान दे रहा था। विपक्षियों से बचने के लिए आवाज लगाई। शोर कर जब उसने बचाव का प्रयास किया तो सभी आरोपी दुकान के अंदर घुस गए। लाठी-डंडों से हमला कर दुकान में तोड़फोड़ की और गल्ले में रखे लगभग चालीस हजार रुपये नकद उठा ले गये! आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने पीड़ित की पुत्री साधना को दुकान से खींचकर बाहर निकालने की कोशिश की। विरोध करने पर रामकुमार की बाल पकड़कर सड़क पर पटक दिया। पीड़ित ने 112 पर सूचना दी तो पुलिस के आने से पहले सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। रामकुमार का आरोप है कि थाने पर पहुंचने पर पुलिस ने उसकी नहीं सुनी और उल्टा उसके ही ऊपर मुकदमा दर्ज कर दिया। पुलिस ने कहा कि तुम अपने घर जाओ! जबकि प्रत्यक्षदर्शी और गांव के चौकीदार ने मामले की सत्यता भी पुलिस को बताई. पीड़ित ने जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित ने आठ जून को पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजा व सुरक्षा की मांग की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष का कहना है कि पुलिस ने जिस पक्ष को चोटिल पाया उसकी तहरीर पर मुकदमा लिखकर घायल का मेडिकल कराया था ! लेकिन पुलिस के पास इस बात का जवाब नहीं है कि लगभग डेढ किलोमीटर दूर से दर्जन भर लोग लाठी डंडा, सरिया लेकर रात लगभग नौ बजे किस नीयत से पीडित की दुकान पर पहुंचे थे?



