रुस्तमनगर निवासी ने डीजीपी को पत्र भेजकर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग

दैनिक बुद्ध का सन्देश
उतरौला,बलरामपुर।कोतवाली उतरौला क्षेत्र के रुस्तमनगर में जमीन विवाद को लेकर पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। यहां के निवासी कृष्ण मुरारी पुत्र राजाराम साहू ने डीजीपी उत्तर को प्रार्थना पत्र भेजकर पुलिस पर जबरन सुलहनामा लिखवाने का आरोप लगाया है। कृष्ण मुरारी ने बताया कि उनके घर के बगल पुरानी आबादी की जमीन है, जिस पर पूर्वजों के जमाने से बेदी बनी हुई है। इसी बेदी पर वह पीढी दर पीढी मांगलिक व धार्मिक कार्यक्रम करते आ रहे हैं। आरोप है कि विपक्षी फजलुर्रहमान पुत्र कल्लू, अफसर अली, आबिद अली, शहजाद अली व आजाद अली उस जमीन पर कब्जा करने की नीयत रखते हैं। इसी जमीन को लेकर सिविल कोर्ट उतरौला में वाद भी दायर है। इसकी अगली सुनवाई 24 जुलाई को है। पीड़ित ने आठ जून को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर विवादित जमीन पर ताजिया रखने से रोकने की मांग की थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद भी किया था ! इससे पूर्व 15 जून को उनके एक पुत्र का चालान कर एसडीएम कोर्ट में भी भेजा था! प्रार्थना पत्र के अनुसार, 16 जून को जब कृष्ण मुरारी अपने पक्ष के लोगों का मुचलका दाखिल कराने तहसील गए तो पुलिस ने उन्हें व उनके दो बेटों को तहसील से ही उठा लिया।आरोप है कि थाने में दबाव, धमकी व गाली-गलौज देकर विपक्षियों के हित में जबरन सुलहनामा लिखवा लिया गया। कृष्ण मुरारी का कहना है कि पुलिस के इस कदम से मुकदमे की स्थिति प्रभावित होगी और वह विपक्षियों की बदनीयती का शिकार हो रहे हैं। 17 जून को डीजीपी व मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मांग की गई है कि मौके की जांच कराकर जबरन कराए गए सुलहनामे को निरस्त किया जाए। साथ ही विवादित भूमि पर ताजिया रखने से विपक्षियों को प्रतिबंधित किया जाए। इस मामले में कोतवाल अवधेश राज सिंह का कहना है कि पुलिस ने कौई सुलह नहीं करवाया है, गांव में तनाव की स्थिति को रोकने के लिए दोनों पक्षों को पाबंद किया है।




