श्रावस्ती में वियतनाम के बौद्ध अनुयायियों ने की विशेष पूजा, भिक्षु देवानंद ने दिया सदाचार का संदेश

दैनिक बुद्ध का संदेश
श्रावस्ती। विश्व प्रसिद्ध बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती में वियतनाम से आए बौद्ध अनुयायियों ने सभा मंडप में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता बौद्ध भिक्षु देवानंद ने की। भिक्षु देवानंद ने कहा कि मनुष्य के भीतर अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के गुण होते हैं। व्यक्ति अपने संकल्प, विवेक और कर्म के आधार पर जीवन का मार्ग चुनता है। उन्होंने कहा कि दैवी गुणों को अपनाकर और आसुरी प्रवृत्तियों का त्याग कर ही जनकल्याण का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य बाहरी संपदा पाने के लिए परिश्रम करता है, लेकिन अपने भीतर छिपी दिव्य शक्ति को पहचानने का प्रयास नहीं करता। दृढ़ संकल्प, परिश्रम और धैर्य से कोई भी व्यक्ति आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। कार्यक्रम के अंत में वियतनाम से आए बौद्ध अनुयायियों ने भगवान बुद्ध के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए सामूहिक प्रार्थना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।




