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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

धारदार हथियार से जख्मी हुई महिला की समय पर उपचार और बेहतर पेशेंट केयर से मिली नई जिंदगी

दैनिक बुद्ध का सन्देश
सिद्धार्थ नगर उत्तर प्रदेश सरकार की 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर संकट की घड़ी में जीवन रक्षक साबित हुई। बाशी ब्लॉक के सागवा गांव निवासी सरिता (45 वर्ष), पत्नी रामू , घर में चार्जिंग पर लगे ग्लैंडर को जैसे ही बोर्ड से निकालने गई अचानक वह उसके सर पर गिरा जिससे मुंह और सर पर गंभीर गहरे जख्म आए जिससे काफी खून निकलने लगा ,शरीर से काफी खून बहने की वजह से उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ते देख परिवार के लोगों ने 108 पर सूचना दी, इमर्जेसी की सूचना सीएचसी इटवा की गाड़ी न्च् 32थ्ळ 1474 को मिली जो जिला अस्पताल से मरीज को छोड़कर वापस आ रही थी। ईएमटी दिनेश और पायलट तीर्थराज ने 7 किलोमीटर मात्र 13 मिनट में कवर करके बताए गये स्थान पर पहुंचे , घटना स्थल पर ईएमटी ने बड़ी फुर्ती से मरीज को स्ट्रेचर की सहायता से एंबुलेंस में लिया और गहरे जख्म बड़ी पट्टीयो के सहायता से बहते खून को रोका। उसे तत्काल निजी साधन से 50 सैयायुक्त अस्पताल बंशी लेकर पहुंचे, रास्ते में ऑनलाइन डॉक्टर शैलेंद्र की सुपरविजन में अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल जिला अस्पताल सिद्धार्थ नगर रेफर कर दिया। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए घरवालों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा की मदद ली। सूचना मिलते ही एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी एवं पायलट बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचे और मरीज को सुरक्षित एंबुलेंस में शिफ्ट कर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए। रास्ते में महिला की हालत और गंभीर होने लगी। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में ईएमटी ने घबराने के बजाय अपने ट्रेनर आलोक त्रिपाठी से भी मदद ली और अनुभव का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत आरसीपी चिकित्सक डॉ. शैलेन्द्र से संपर्क कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया तथा उनके दिशा-निर्देशों के अनुरूप मरीज को लगातार प्राथमिक उपचार और निगरानी प्रदान की। ईएमटी की तत्परता, तकनीकी दक्षता और बेहतर पेशेंट केयर के चलते मरीज को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू करते हुए उसे खतरे से बाहर बताया। क्लस्टर प्रशिक्षण का दिखा सकारात्मक परिणामः हाल ही में संचालित क्लस्टर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ इस घटना में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। प्रशिक्षण के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की स्थिति का आकलन, त्वरित निर्णय क्षमता, विषाक्तता (च्वपेवदपदह) के मामलों का प्रबंधन एवं अस्पताल पहुंचने तक जीवन रक्षक देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया गया था। ईएमटी जय सिंह यादव द्वारा प्रदर्शित दक्षता और पेशेवर कार्यशैली इस प्रशिक्षण की सफलता को दर्शाती है। परिजनों और अस्पताल स्टाफ ने की सराहनाः मरीज के परिजनों और अस्पताल कर्मियों ने 108 एंबुलेंस सेवा तथा ईएमटी दिनेश की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर एंबुलेंस और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी नहीं मिलते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। जीवन रक्षक बनी 108 एंबुलेंस सेवाः उत्तर प्रदेश सरकार की 108 एंबुलेंस सेवा प्रदेशवासियों को चौबीसों घंटे निःशुल्क आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, विषाक्तता, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में यह सेवा लोगों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाकर अनगिनत जीवन बचाने का कार्य कर रही है। यह घटना न केवल 108 एंबुलेंस सेवा की उपयोगिता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि प्रशिक्षित ईएमटी और समय पर मिली आपातकालीन चिकित्सा सहायता किसी भी मरीज के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकती है

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