– डीबीए पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह सकुशल संपन्न
उन्होंने कहा कि जूनियर अधिवक्ताओं का पढ़ाई से लेकर आर्थिक रूप से सहयोग निहायत जरूरी है। इसके अलावा बार एसोसिएशन के लिए जब भी कोई विचार विमर्श करना हो तो चैंबर हमेशा खुला रहेगा।
मुख्य अतिथि शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव एडवोकेट ने कहा कि वादकारी हित में कार्य करना अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक एमएलसी कोटे से वादकारी विश्रामालय बनेगा। इसके लिए मई माह में धन भी आवंटित कर दिया जाएगा।
स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंन्हा ने कहा कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने के लिए कई बार सदन में मांग उठाई गई है। इसके अलावा नए अधिवक्ताओं, 40 वर्ष के प्रैक्टिशनर अधिवक्ताओं को पेंशन , आयुष्मान कार्ड बनाए जाने, ताकि पांच लाख तक का मुफ्त इलाज हो सके।
विशिष्ट अतिथि यूपी बार काउंसिल सदस्य विनोद कुमार पांडेय एडवोकेट ने कहा कि जब शिक्षक एमएलसी, स्नातक एमएलसी हो सकते हैं तो एडवोकेट कोटे से एमएलसी क्यों नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि अबकी बार जो बार काउंसिल में बैठक होगी उसमें यह मांग उठाई जाएगी। इसके अलावा अधिवक्ताओं को एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
डीबीए अध्यक्ष श्याम बिहारी यादव एडवोकेट ने कहा कि जो दायित्व मिला है उसका निष्ठा पूर्वक निर्वहन अधिवक्ता हित में करूंगा।
एमएसीटी जिला जज खलीकुज्जमा, सीजेएम अचल प्रताप सिंह, पूर्व बार काउंसिल सदस्य मधुलिका यादव, पूर्व अध्यक्ष राज बहादुर सिंह आदि ने भी अपना विचार व्यक्त किया। अतिथियों को अंग वस्त्र और प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी सम्मानित किया गया। अध्यक्षता निवर्तमान अध्यक्ष रामचंद्र सिंह मौर्य एडवोकेट और संचालन पूर्व अध्यक्ष दयाराम यादव एडवोकेट ने किया। उक्त अवसर पर न्यायिक अधिकारी बिनीता सिंह, स्वर्णमाला सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता भोला सिंह यादव, अशोक कुमार जालान, हीरालाल पटेल, जितेंद्र श्रीवास्तव, ओम प्रकाश राय, मार्तंड प्रसाद मिश्र, चंद्रकांत शर्मा, जगजीवन सिंह, रोशनलाल यादव, अशोक कुमार कन्नौजिया, रामजन्म सिंह, रामजियावान यादव, राजेश यादव, सलीम कुरैशी, बिंदु यादव, सुशीला वर्मा आदि मौजूद रही।
