यहाँ का रैन बसेरा ही ताले में बंद है तो फिर कोई ग़रीब या परदेशी व्यक्ति क्या रखे ठहरने का उम्मीद -दैनिक बुद्ध का संदेश संवाददाता मुदित प्रताप सिंह की एक रिपोर्ट

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मुदित प्रताप सिंह की एक रिपोर्ट

फतेहगंज पस्चिमी:- सर्दी ने अपनी दस्तक दे दी है कोहरे का कहर शुरू हो गया बेसहारा असहाय लोगों को सर्दी के प्रकोप से बचाने के लिए रैन बसेरों में व्यवस्था चाक चौंबद रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सख्त निर्देश जारी हो चुके हैं बीते दिनों उपजिलाधिकारियों ने कस्बें में रैनबसेरा की वास्तविक हकीकत जानने के लिए निरीक्षण भी किया था सब कुछ सही है एक कर्मचारी भी तैनात है लेकिन वह ताला बंद कर अपने काम मे लगा हुआ है।

रैन बसेरा अंदर होने के कारण लोगो को दिखाई भी नही देता वेसहारा लोग दिन में ही अपने रुकने की जगह तलाश करते है लेकिन बन्द होने की बजह से रात में कोई नही जाता किसी को यह पता नही है यह किस समय खुलता है इस बजय से बेशहारा लोग परेशान है ठंड से  जरूरतमंद परेशान हैं जिन्हें रात गुजारने के लिए कोई जगह नहीं है जबकि इसको हर समय खुला रहना चाहिये लेकिन रैन बसेरा में ताला लटक रहा हैं  एक मात्र रैन बसेरा में ही लोगों को सहारा मिल पा रहा है ऐसे में रात के अंधेरे में बेघरबार एवं बाहर के लोगों के रुकने के लिए कोई ठिकाना कस्बे में नहीं है
> यदि यह रैन बसेरा खुला रहे तब ज़रूरतमंद लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

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