सत्ता पक्ष औऱ विपक्ष को बिहार की जनता नही सीट बंटवारे की चिंता:-रजनीश-दैनिक बुद्ध का संदेश संवाददाता रजनीश कुमार की एक रिपोर्ट

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रजनीश कुमार की एक रिपोर्ट

पटना:-जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक युवा परिषद के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश तिवारी ने प्रेस ब्यान जारी कर सत्ता पक्ष और विपक्ष की सीट बंटवारे पर कहा कि बिहार में सीट बंटवारे की फिफ्टी- फिफ्टी और ट्वेंटी-20 मैच चल रही किसी को बिहार की 11 करोड 36 लाख जनता का कोई फिक्र नहीं सरकार और विपक्ष स्वार्थ की राजनीति में लगे हुए बिहार में अपराधी बेलगाम बेखौफ हो गए है अपराधियों का तांडव सिर चढ़कर बोल रहा है। 
बिहार मौत का अखाड़ा, अपराधियों की शरणस्थली और शराब तस्करी का केन्द्र बिंदु बन गया है. यह शराब माफियाओं का सुरक्षित पनाहगाह बन चुका हैबिहार की शिक्षा व्यवस्था भारत भर में सबसे ज्यादा चरमराई हुई है। मेडिकल माफियाओं का राज है।
उन्होंने कहा कि  सरकार को अपने कार्य करवाने के बजाय अपने 4 साल के काम की समीक्षा करने के बजाय सीट बंटवारे की अधिक चिंता सता रही है ।बिहार सरकार की सात निश्चय योजना अभी पंचायत और गाँव की और नहीं पहुँच सकी है भारत सरकार की आयुष्मान योजना अभी बिहार के आधे ब्लॉक एवं पंचायत ग्राम तक नही पहुँच पाई है लेकिन सरकार इस पर काम करने के बजाय सीट पर चर्चा पर पड़ी हुई है।
वहीं श्री तिवारी ने उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए छोड़ने पर कहां की स्वार्थ के लिए एनडीय को छोरा है जब भारत के किसान देश भर में आंदोलन कर रहे थे तब चुप्पी साधे बैठे थे जब बिहार में मुजफ्फरपुर जैसे बड़े कांड हुए तभी चुप्पी साधे बैठे हुए थे बिहार में हत्या हो रही थी तब चुप्पी साधे बैठे हुए थे जब बिहार की जनता खराब चिकित्सा व्यवस्था से जूझ रही है तब भी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं और आज जब साढ़े 4 साल सत्ता का सुख भोग लिए तब इन्हें संविधान खतरे में औऱ शिक्षा की स्थिति खराब नजर आ रहे हैं . तिवारी ने  इस प्रकार की गंदी राजनीति की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों से बिहार की जनता सचेत है और ऐसे लोगों को सबक जरूर सिखाएगी।
जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक पूरी मजबूती के साथ बिहार की आम आवाम की आवाज की लड़ाई को लर रही है बिहार में परिवर्तन सामाजिक न्याय विकास के लिए एक विकल्प के रूप में उभर रही है हमारी पार्टी और माननीय राष्ट्रीय संरक्षक सह सांसद श्री पप्पू यादव जी बिहार की जनता की  सामाजिक, वैचारिक ,विकासिक ,न्यायिक लड़ाई को सड़क से सदन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

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