समाजवादी अध्ययन केंद्र में साहब भीम राव अम्बेडकर की 63वीं महापरिनिर्वाण दिवस में मनाया गया – दैनिक बुद्ध का संदेश संवाददाता राजेश शर्मा की एक रिपोर्ट

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राजेश शर्मा  की एक रिपोर्ट

सिद्धार्थ नगर-जिला मुख्यालय स्थित समाजवादी अध्ययन केंद्र में आज संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की 63वीं महापरिनिर्वाण दिवस मनायी गयी।इस अवसर पर बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित किया गया।इसके उपरांत डॉ भीम राव अम्बेडकर के सपनों का भारत विषयक संगोष्ठी पर बोलते हुये इतिहासकार डॉ अभिषेक कुमार ने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय समाज व्यवस्था में व्याप्त असमानता को दूर करने के लिये शिक्षा को सबसे कारगर हथियार बताया।

उन्होने संविधान में ऐसे नियम बनाये जिससे देश की एकता मजबूत हो सके।हिन्दी भाषा को राजभाषा बनाने में उन्ही का योगदान था।लखनऊ विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर दिलीप पासवान ने कहा कि डॉ अम्बेडकर ने शिक्षित बनो,संगठित बनो और संघर्ष करो का सूत्रवाक्य दिया था।उनका जीवन दर्शन किसी हर व्यक्ति के लिये प्रेरणादायक है कि कैसे भेदभाव का मुकाबला करते हुये समाज के  प्रतिष्ठित पद तक पहुँच जा सकता है।कार्यक्रम के मुख्यअतिथि प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष डॉ पवन मिश्रा ने कहा कि बाबा साहब पूरी मानवता के लिये महान पुरुष थे।उनका जीवन अन्याय का विरोध करने की सीख देता है। संविधान के बताये रास्ते पर चलना ही उन्हे सच्ची श्रद्धांजलि होगी।संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ सपा नेता मुरली धर मिश्रा ने आये हुये अतिथियों और छात्रों-नौजवानों के प्रति आभार प्रकट करते हुये बाबा साहब की रचनाओं को पढ़ने की अपील की।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्याम नारायण मौर्य ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम का संचालन अमित यादव ने किया।आयोजन में प्रमुख रूप से पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष राम अवतार यादव,राकेश लोधी,अमरेंद्र पांडेय,सुरेंद्र यादव,भवानी शंकर पांडेय,गौतम मिश्रा,छात्रसंघ महामंत्री अंकित चतुर्वेदी, हेमंत श्रीवास्तव,राकेश गुप्ता, कुंदन गौस्वामी,अजय गुप्ता,आकाश वर्मा,वीरेंद्र यादव,अजीत चौरसिया,सौरभ चौधरी,अमन सिंह ,दिनेश यादव आदि लोग उपस्थित रहे।

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